मुंबई : खाद्य एवं औषध प्रशासन एफडीए ने बॉम्बे हाई कोर्ट परिसर में संचालित हाई कोर्ट स्टाफ को-ऑपरेटिव कैंटीन को नोटिस जारी कर तत्काल खाद्य व्यवसाय बंद करने का निर्देश दिया है। विभाग ने लाइसेंस न होने पर कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। 30 जुलाई को एफडीए की टीम ने हाई कोर्ट परिसर में सरप्राइज इंस्पेक्शन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को पता चला कि कैंटीन में न्यायिक कर्मचारियों और वकीलों को खाना-नाश्ता परोसा जा रहा है, लेकिन उसके पास खाद्य पदार्थों की बिक्री और वितरण के लिए आवश्यक एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण नहीं है।
एफडीए के जारी आदेश में कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत किसी भी खाद्य व्यवसाय को चलाने के लिए एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण लेना अनिवार्य है। इसके बिना किसी भी तरह का भोजन तैयार करना, बेचना या वितरित करना कानून का उल्लंघन है। निरीक्षण में कैंटीन इस नियम का पालन करती हुई नहीं पाई गई।
एफडीए ने दिया नोटिस
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कैंटीन प्रबंधन को लिखित निर्देश दिया है कि जब तक आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक खाद्य व्यवसाय का संचालन पूरी तरह बंद रखा जाए। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि निर्देश का उल्लंघन किया गया तो खाद्य सुरक्षा कानून की संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना और प्रतिष्ठान को सील करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
कई वर्षों से हाई कोर्ट में चल रही थी कैंटीन
बॉम्बे बार एसोसिएशन का हाई कोर्ट स्टाफ को-ऑपरेटिव कैंटीन पिछले कई सालों से परिसर में काम कर रही है और यहां रोजाना सैकड़ों वकील, क्लर्क और न्यायिक कर्मचारी खाना खाते हैं। एफडीए के इस नोटिस के बाद कैंटीन में काम अचानक रुक गया है। एफडीए अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर खाने-पीने की चीजें बेचने वाले हर प्रतिष्ठान को गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों का पालन करना जरूरी है।
बॉम्बे बार एसोसिएशन की सफाई
लाइसेंस प्रक्रिया के तहत कैंटीन को अपनी रसोई, कच्चे माल के स्रोत, कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस और साफ-सफाई के रिकॉर्ड जमा करने होते हैं। कैंटीन प्रबंधन की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि BBA के सेक्रेटरी नौशाद इंजीनियर ने एक बयान में साफ किया कि यह असोसिएशन का उठाया गया कदम है। 30 जुलाई 2026 को FDA के दौरे के बाद एसोसिएशन को उनकी तरफ से कोई नकारात्मक सूचना, आदेश या नोटिस नहीं मिला है। असोसिएशन ने कहा कि दक्षिण मुंबई में हाई कोर्ट परिसर के अंदर स्थित कैंटीन जल्द ही अपनी सर्विस फिर से शुरू करेगी।
बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई
बुधवार को, हाई कोर्ट ने सवाल किया कि क्या पूरे राज्य में फूड सेफ्टी नियमों को एक समान रूप से लागू किया जा रहा है। इसने FDA को मंत्रालय और बॉम्बे हाई कोर्ट की कैंटीनों सहित सभी सरकारी और सेमी-सरकारी खाने-पीने की जगहों की जांच करने और वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ जांच रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील नेहा भिड़े ने कोर्ट को बताया कि FDA pick and choose तरीके से कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC), KEM हॉस्पिटल, क्रिकेट क्लब ऑफ़ इंडिया (CCI) और मुंबई के कई अन्य प्रमुख क्लबों की कैंटीनों की भी जांच की गई थी और फ़ूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन के कारण उन्हें बंद कर दिया गया था। इस मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी, जब FDA द्वारा पूरे राज्य में की गई जांच का विवरण जमा किए जाने की उम्मीद है।