पीएम ने Gen Z को किया माफ, खुद छात्र मूवमेंट से जुड़े रहे हैं PM नरेंद्र मोदी, नवनिर्माण आंदोलन में गिरी थी सरकार

अहमदाबाद : नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर दिल्ली के बाद देशभर में फैसले Gen Z प्रोटेस्ट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद नई पीढ़ी से संवाद कर रहे हैं। पीएम मोदी ने पांचवें वीडियो में अपनी दिवंगत मां हीराबेन और खुद के लिए अपशब्दों के प्रयोग पर युवाओं को माफ करने का ऐलान किया है। 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी खुद एक छात्र आंदोलन से निकले हैं। इस गुजरात नवनिर्माण आंदोलन में नाम से जाना जाता है। इस आंदोलन की शुरुआत हॉस्टल में मेस की फीस बढ़ाने से हुई थी। इसके बाद यह आंदोलन पूरे गुजरात में फैल गया था। इस आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम छात्रों और लोगों में नरेंद्र मोदी ही सबसे बड़ा चेहरा बनकर सामने आए। वह पहले राज्य के मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बने।

नवनिर्माण आंदोलन में PM मोदी की भूमिका


1974 में गुजरात में चिमनभाई पटेल मुख्यमंत्री थे। इस आंदोलन की शुरूआत मोरबी इंजीनियरिंग कॉलेज में खाने-पीने के ऊंचे खर्च (मेस फीस) को लेकर शुरू हुआ और बाद में राज्य सरकार के खिलाफ एक बड़े अभियान में बदल गया। इस आंदोलन में तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कभी वडोदरा की महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी (MSU) छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे मुख्यमंत्री चिमनभाई पटेल को इस्तीफा देना पड़ा। विधानसभा भंग कर दी गई। इस आंदोलन में नरेंद्र मोदी ने आरएसएस के युवा प्रचारक के तौर पर जुड़े थे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में थे। उन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में भेजा गया था। आर्थिक संकट और भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए इस बड़े छात्र आंदोलन ने उन्हें राज्य-स्तर के राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों का शुरुआती अनुभव दिया। मोदी ने एबीवीपी कार्यकर्ता के तौर पर युवाओं की भागीदारी को व्यवस्थित करने में सक्रिय भूमिका निभाई और भाषणों के जरिए आंदोलन के लक्ष्यों को लोगों तक पहुंचाया।

सफल आंदोलन से हिली थी इंदिरा सरकार

सफल नवनिर्माण गुजरात आंदोलन के बाद ही जयप्रकाश ने संपूर्ण क्रांति की अपील की। इसी आंदोलन ने उन्हें प्रेरित किया था। यह आंदोलन 1974 में हुआ और फिर 1975 की इमरजेंसी। कहते हैं इसी आंदोलन ने इंदिरा गांधी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी राजनीतिक असंतोष की नींव रखी थी। इसे जेपी (जयप्रकाश नारायण) आंदोलन के बाद देश में आपातकाल लगाया गया था। इस आंदोलन के बाद नरेंद्र मोदी आपातकाल में भी सक्रिय रहे। उन्होंने एक कविता में लिखा था कि ‘सारा देश बोल उठा जयप्रकाश जिंदाबाद, तो दहल उठे तानाशाह, भृकुटियां तन गई,लाठियां बरस पड़ी सीनों पर माथे पर। वर्ष 1974 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्र 23 से 24 वर्ष के बीच थी।

आंदोलन से पलट गई थी गुजरात की राजनीति

गुजरात में नवनिर्माण आंदोलन के बाद राष्ट्रपति शासन लगा था। 1 साल 129 दिन के राष्ट्रपति शासन के बाद 18 जून, 1975 को बाबूभाई पटेल सीएम बने। यह इंडिय नेशनल कांग्रेस (ऑर्गनाइजेशन) की सरकार थी। इसके बाद फिर 287 दिन राष्ट्रपति शासन रहा। इसके बाद दिसंबर, 1976 में कांग्रेस सत्ता में लौटी लेकिन माधव सिंह सोलंकी सिर्फ 108 दिन सीएम पाए। फिर इसके बाद बाबूभाई पटेल जनता पार्टी की सरकार में सीएम बने। वे दो साल और 312 दिन मुख्यमंत्री रहे। इस आंदोलन को गुजरात में राजनीति बदलने में अहम माना जाता है।

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