विदेशियों के लिए भोपाल आना हुआ आसान; राजा भोज एयरपोर्ट बना e-Visa एंट्री प्वाइंट, जानें किसे होगा फायदा

भोपाल। भारत सरकार ने विदेशी पर्यटकों और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ई-वीजा (e-Visa) प्रवेश विकल्पों में बड़ा विस्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, देश भर में 11 नए अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं को ई-वीजा नेटवर्क से जोड़ा गया है

मध्य प्रदेश और राजधानी वासियों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि इस नई सूची में भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट को शामिल किया गया है। भोपाल के अलावा आंध्र प्रदेश के एएआई तिरुपति एयरपोर्ट को भी यह अहम दर्जा मिला है।

ई-वीजा नेटवर्क में 11 नए प्रवेश बिंदु जुड़े

इन दो हवाई अड्डों के साथ-साथ 9 लैंड पोर्ट्स (जैसे अगरतला, अटारी रोड, गोजडांगा, मोरेह आदि) से भी अब ई-वीजा के जरिए एंट्री मिलेगी। इस नए विस्तार के बाद, भारत में ई-वीजा के जरिए प्रवेश करने वाले कुल बिंदुओं की संख्या बढ़कर 88 हो गई है, जिनमें 37 एयरपोर्ट, 38 समुद्री बंदरगाह और 13 लैंड पोर्ट शामिल हैं।
वर्तमान में 172 देशों के नागरिक ई-वीजा का लाभ उठा सकते हैं और देश के कुल 78% वीजा अब इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किए जा रहे हैं।

ई-वीजा एंट्री मायने

राजा भोज एयरपोर्ट को ई-वीजा एंट्री के लिए अधिकृत करने के बड़े कूटनीतिक और क्षेत्रीय मायने हैं। अब तक विदेशी नागरिकों को मध्य प्रदेश आने के लिए पहले दिल्ली, मुंबई या हैदराबाद जैसे बड़े महानगरों में उतरकर वहां इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी।
इसका सीधा मतलब यह है कि भोपाल अब अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और एविएशन के नक्शे पर ज्यादा मजबूती से स्थापित हो रहा है। भारत सरकार की यह पहल स्पष्ट करती है कि टियर-2 शहरों को ग्लोबल टूरिज्म और इंटरनेशनल बिजनेस नेटवर्क से सीधे जोड़ने की नीति पर तेजी से काम हो रहा है।

ये मिलेगा फायदा

इस नई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से मध्य प्रदेश और राजधानी भोपाल को कई बहुआयामी फायदे होंगे:
पर्यटन को लगेंगे पंख: भोपाल के आस-पास सांची और भीमबेटका जैसे विश्व प्रसिद्ध यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं। सीधी ई-वीजा एंट्री मिलने से विदेशी पर्यटकों का आना आसान होगा, जिससे टूरिज्म में भारी उछाल आएगा।
व्यापार और निवेश में आसानी: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट या अन्य व्यापारिक बैठकों के लिए विदेशी निवेशकों, कॉरपोरेट डेलिगेशन और तकनीकी विशेषज्ञों का सीधे भोपाल आना अब बेहद सुविधाजनक हो जाएगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट: विदेशी पर्यटकों और व्यापारियों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय होटल इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्टेशन (टैक्सी), टूर गाइड और हैंडीक्राफ्ट (हस्तशिल्प) बाजार को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
समय और धन की बचत: विदेशी मेहमानों को अब महानगरों में लगने वाले लंबे इमिग्रेशन और कनेक्टिंग फ्लाइट्स के इंतजार से मुक्ति मिलेगी।
प्रवासियों को सहूलियत: विदेशों में बसे मध्य प्रदेश के लोग अब अपने विदेशी मित्रों या रिश्तेदारों को बिना किसी अतिरिक्त झंझट के सीधे भोपाल ला सकेंगे।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले आधिकारिक ई-वीजा पोर्टल की जांच अवश्य कर लें, क्योंकि पोर्टल पर इस नई सूची को अपडेट होने में कुछ समय लग सकता है।
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