नई दिल्ली: अमेरिकी डॉलर के हिसाब से किसी भी अर्थव्यवस्था का आकार कई चीजों पर निर्भर करता है। इनमें नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ रेट और करेंसी एक्सचेंज रेट जैसी चीजें शामिल हैं। पिछले साल रुपये पर दबाव और नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ रेट में बदलाव के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था ग्लोबल इकोनॉमिक रैंकिंग में छठे स्थान पर आ गई है। यह बात इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की अप्रैल 2026 की ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ रिपोर्ट में बताई गई है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने भी राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने अपनी अप्रैल 2026 की ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ रिपोर्ट में 2025-26 के लिए भारत की नॉमिनल GDP 3.92 ट्रिलियन डॉलर बताई है। इससे भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।’ उन्होंने यह बात प्रमुख ग्लोबल अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत के पीछे रहने से जुड़े एक सवाल के जवाब में कही।
कई वजहों से बदल सकती है रैंकिंंग
पंकज चौधरी ने कहा, ‘इसलिए, अर्थव्यवस्थाओं की रैंकिंग कई वजहों से बदल सकती है। जैसे कि आर्थिक विकास, एक्सचेंज रेट और कीमतों में उतार-चढ़ाव, नेशनल अकाउंट्स में बदलाव और दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के आकार और विकास में बदलाव।’
भारत 2019 में 2.94 ट्रिलियन डॉलर के आकार के साथ दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया था। रैंकिंग में गिरावट के बावजूद अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ा है।
एक अहम वजह 2022-23 के बेस ईयर वाली नई जीडीपी सीरीज है। इसने वित्त वर्ष 2025-26 में नॉमिनल जीडीपी (यानी मौजूदा कीमतों पर GDP) को 345.47 ट्रिलियन रुपये तय किया है। पुरानी सीरीज की तुलना में नई सीरीज में अर्थव्यवस्था का नॉमिनल आकार कम हो गया है।
मजबूत बनी हुई है अर्थव्यवस्था
इस बीच, हाल के सालों में भारतीय रुपये की कीमत में काफी गिरावट आई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सालाना औसत एक्सचेंज रेट वित्त वर्ष 2021-22 में 74.23 से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 88.31 हो गया। तब से रुपया और गिरा है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.4 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
अर्थव्यवस्था भी मजबूत बनी हुई है। यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था है। फिच रेटिंग्स की हालिया रिपोर्ट में भारत की सॉवरेन रेटिंग को ‘स्टेबल आउटलुक’ के साथ ‘BBB-‘ पर बनाए रखा गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह रेटिंग देश की मजबूत ग्रोथ की संभावनाओं और ठोस बाहरी वित्तीय बुनियादी बातों को दिखाती है।