नई दिल्ली: देश का सबसे बड़ा औद्योगिक घराना टाटा ग्रुप एक बार फिर चर्चा में है। इसकी वजह यह है कि ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दे दिया है। इस ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 27 लाख करोड़ रुपये है। सवाल यह है कि इतने बड़े ग्रुप का मालिक कौन है? इसका मालिक टाटा परिवार का कोई एक व्यक्ति नहीं है। टाटा ग्रुप के सबसे ऊपर वे चैरिटेबल ट्रस्ट हैं जिन्हें टाटा परिवार की अलग-अलग पीढ़ियों ने बनाया था। ये चैरिटेबल ट्रस्ट मिलकर टाटा संस का लगभग दो-तिहाई हिस्सा अपने पास रखते हैं। टाटा संस इस ग्रुप की मुख्य इन्वेस्टमेंट होल्डिंग कंपनी और प्रमोटर है।
किसकी कितनी हिस्सेदारी?
टाटा संस के शेयर व्यक्तिगत रूप से नोएल टाटा के नहीं हैं। ये एसेट्स चैरिटेबल ट्रस्ट के हैं और इनसे जुड़े फैसले उनके अपने-अपने बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज लेते हैं। टाटा संस इस कमर्शियल ग्रुप के केंद्र में है और मुख्य इन्वेस्टमेंट होल्डिंग कंपनी और प्रमोटर के तौर पर काम करती है। टाटा की अलग-अलग कंपनियां अपने-अपने बोर्ड के तहत काम करती हैं।
टाटा ग्रुप के ट्रस्ट
साल 1932 में बने SDTT के पास टाटा संस की 27.98 फीसदी हिस्सेदारी है। इसी तरह 1919 में बनाए गए SRTT के पास 23.56 फीसदी, जेआरडी टाटा ट्रस्ट के पास 4.01 फीसदी, टाटा एजुकेशन ट्रस्ट के पास 3.73 फीसदी, टाटा सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के पास 3.73 फीसदी, आरडी टाटा ट्रस्ट के पास 2.19 फीसदी और सार्वजनिक सेवा ट्रस्ट के पास 0.1 फीसदी हिस्सेदारी है।