भोपाल में नाबालिगों से यौन शोषण केस में बड़ा मोड़, 6 साल बाद मुख्य आरोपी ने आरोपों से किया इनकार

भोपाल। आपराधिक न्याय प्रणाली में देरी की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। करीब छह साल पहले शहर को हिला देने वाले नाबालिग बालिकाओं के यौन शोषण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले का मुख्य आरोपित न्यायालय में पलट गया। उसने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। लिहाजा, अब न्यायालय में उसका ट्रायल शुरू होगा। यह तब है, जब पुलिस ने सभी सात आरोपितों के विरुद्ध 2020 में आरोप-पत्र दाखिल कर दिया था।

2020 में दर्ज हुआ था मामला

  • अभियोजन अधिकारी पीएन सिंह राजपूत ने बताया कि यह मामला 13 जुलाई 2020 को शहर के शाहपुरा थाने में दर्ज हुआ था। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपित प्यारे मियां और उसके गिरोह ने चार बच्चियों का यौन शोषण किया।
  • एक से अधिक बालिकाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई। यह गिरोह बालिकाओं को घरेलू काम के लिए रखता था। बाद में उन पर दबाव बनाकर, मारपीट कर लैंगिक शोषण करता था।
  • पांच साल बाद शुरू होगा ट्रायल

    पुलिस ने वर्ष 2020 में ही आरोप-पत्र दाखिल कर दिया था। प्राथमिकी में शाहपुरा स्थित विष्णु हाइटेक सिटी के फ्लैट को घटना स्थल के रूप में दर्ज किया गया। खास बात यह है कि अगले पांच साल तक इस आरोप-पत्र पर विचार तक शुरू नहीं हो पाया। पिछले दिनों मुख्य आरोपित को आरोप-पत्र सुनाया गया, जिसमें लगे आरोपों से उसने इन्कार कर दिया।

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