नई दिल्ली: दिल्ली प्रीमियर लीग का एक खिलाड़ी पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। इस खिलाड़ी का नाम है- देव चौधरी। देव अपने अच्छे खेल की वजह से चर्चा में नहीं हैं। उनकी बैटिंग और फील्डिंग को देखकर लग ही नहीं रहा है कि वह प्रोफेशनल क्रिकेटर हैं। देव न्यू दिल्ली टाइगर्स की टीम का हिस्सा हैं। टीम को 10 मैचों में सिर्फ एक जीत मिली। देव को दो मैच खेलने का मौका मिला। पहले में उनका खाता नहीं खुला तो दूसरे में 24 गेंद पर 16 रन बनाए।
16 रनों की पारी का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुआ। देव चौधरी की बल्लेबाजी तकनीक और बड़े शॉट लगाने में असमर्थता ने खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों को हैरान कर दिया। पावरप्ले के दौरान उन्होंने एक स्पिनर के खिलाफ लगातार पांच डॉट गेंदें खेलीं, जिसके बाद यह सवाल उठने लगा कि आखिर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह कैसे मिली।
डीपीएल के नियम पर भी सवाल उठ रहे
दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 के शुरू होने से पहले एक नया नियम लाया गाय। इसके तरत हर फ्रेंचाइजी नीलामी के अलावा तीन खिलाड़ियों को सीधे अपने साथ जोड़ सकती थी। इसमें उन्हीं खिलाड़ियों को चुना जा सकता था, जो डीडीसीए लीग के कम से कम 5 मैच खेले हों। एपेक्स काउंसिल के सदस्यों ने तब इस नियम का विरोध भी किया था। उनका मानना था कि इससे सिफारिश पर खिलाड़ी लीग में खेलने लगेंगे।न्यू दिल्ली टाइगर्स के कोच कोई और नहीं बल्कि विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक देव चौधरी के बारे में पूछे गए सवालों में राजकुमार शर्मा ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। टीम के मालिक अजय कुमार ने भी चुप्पी साध रखी है।