भोपाल। राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती का मुद्दा अब एक बड़े और निर्णायक आंदोलन का रूप ले चुका है। प्रदेश में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है जब वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी एक साथ एकजुट होकर नीलम पार्क में भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
इन युवाओं का सीधा आरोप है कि सरकार ने पात्रता और चयन परीक्षा के कड़े मापदंड तय किए, लेकिन परीक्षा पास करने के बावजूद पदों की संख्या इतनी कम है कि उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पा रही है।
तबीयत बिगड़ने पर भी अनशन तोड़ने से इनकार
- आंदोलन के दौरान हालात अब गंभीर होते जा रहे हैं। भूख हड़ताल पर बैठीं वर्ग-2 की एक अभ्यर्थी प्रियंका सिंह की तबीयत अचानक खराब हो गई।
- मंगलवार को उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वे अपना अनशन नहीं तोड़ेंगी। अभ्यर्थियों का कहना है कि 31 अगस्त से इस धरने ने अब उग्र रूप धारण कर लिया है और वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।