नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमत में हाल में आई तेजी के बीच बांग्लादेश ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 17.4% तक की बढ़ोतरी की है। पहले से ही बिजली और गैस की कमी से जूझ रहे ग्राहकों और कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मिडिल ईस्ट में चल रहे टकराव की वजह से शिपिंग की बढ़ती लागत और ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों में उछाल से हो तेल कंपनियों को नुकसान हो रहा था। उनके नुकसान को कम करने के लिए बांग्लादेश की सरकार ने फ्यूल की कीमतों में इजाफा किया है।
बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि मार्च 2026 के बाद से इंटरनेशनल मार्केट में फ्यूल की कीमतें दोगुनी से ज्यादा हो गई हैं, जबकि क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण माल ढुलाई (फ्रेट) का खर्च भी काफी बढ़ गया है। इस बढ़ोतरी से आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था में ट्रांसपोर्ट और प्रोडक्शन की लागत बढ़ने की उम्मीद है। इससे महंगाई का दबाव और बढ़ेगा, जबकि देश का अहम गारमेंट एक्सपोर्ट सेक्टर समेत कई इंडस्ट्रीज पहले से ही भारी ऊर्जा संकट से जूझ रही हैं।
क्या होगा फायदा?
यह बढ़ोतरी अप्रैल और जून में फ्यूल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद की गई है। उस समय भी सरकार ने ग्लोबल मार्केट में तेल की ऊंची कीमतों के कारण आयात की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कीमतें बढ़ाई थीं। मंत्रालय ने बताया कि सरकारी कंपनी बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को मार्च और अगस्त के बीच 228.76 अरब टका (1.9 अरब डॉलर) का नुकसान हुआ।
सरकार का दावा है कि आज की बढ़ोतरी से कंपनी के सालाना नुकसान में लगभग 100 अरब टका की कमी आ सकती है। साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी और पड़ोसी देशों में फ्यूल की तस्करी पर रोक लगेगी। इस बढ़ोतरी के बाद बांग्लादेश में डीजल की कीमत भारतीय रुपये में 105.58 रुपये लीटर हो गई है जबकि पेट्रोल 125.04 रुपये लीटर पहुंच गया है।
भारत से ज्यादा या कम?
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पेट्रोल की कीमत ₹113.51 लीटर है जबकि डीजल 99.82 रुपये लीटर मिल रहा है। इसी तरह त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में पेट्रोल की कीमत ₹104.96 और डीजल का रेट 93.85 रुपये प्रति लीटर है। एक और पड़ोसी देश म्यांमार में पेट्रोल बांग्लादेश के मुकाबले सस्ता है लेकिन डीजल महंगा है। वहां पेट्रोल करीब 120.65 रुपये लीटर और डीजल 127.35 रुपये लीटर है।