नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि भारत पांचवीं पीढ़ी के साथ-साथ छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस मार्ग पर चुनौतियां जरूर आएंगी, लेकिन देश का संकल्प पूरी तरह अडिग है और भारत अगले दशक में रक्षा निर्माण में एक बड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है। भारत अपने पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट ( AMCA ) प्रोजेक्ट पर काम करने के साथ-साथ एयरोस्पेस प्रोपल्शन, स्वदेशी विमान और ड्रोन इंजन विकसित करने पर भी जोर दे रहा है।
जो देश टेक्नोलॉजी में नेतृत्व करेगा, उसे युद्ध के मैदान में बढ़त हासिल होगी
उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य बिना किसी विघटन के आगे बढ़ना और संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव लाना है। अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि जो राष्ट्र प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नेतृत्व करेगा, उसे युद्ध के मैदान में बढ़त हासिल होगी। उन्होंने पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति के साथ-साथ सशस्त्र बलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए उठाए गए कुछ कदमों को भी रेखांकित किया।
हमारा उद्देश्य किसी देश को पीछे छोड़ना नहीं है
विश्व व्यवस्था में भारत की स्थिति पर राजनाथ सिंह ने कहा कि मेरा मानना है कि हम एक सभ्यतागत शक्ति हैं। हमारे उत्थान का उद्देश्य किसी दूसरे देश को पीछे छोड़ना या मौजूदा व्यवस्था को खत्म करना नहीं है; बल्कि यह सामूहिक और समावेशी विकास के बारे में है। हमारा लक्ष्य – बिना विघटन के उत्थान, संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव करना है।
अगले 25 वर्षों के लिए योजना
राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध के मैदान में बढ़त तकनीकी श्रेष्ठता से तय होगी। उन्होंने कहा कि इसीलिए भारत मौजूदा हथियार प्रणालियों से आगे की सोच रहा है और अगले 10, 20 और 25 वर्षों के लिए क्षमताओं की योजना बना रहा है। राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि भारत स्वदेशी विमान और ड्रोन इंजन विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है और उन्होंने एयरोस्पेस प्रोपल्शन को देश की दीर्घकालिक रक्षा महत्वाकांक्षाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।