दूसरे-तीसरे फ्लोर पर है ऑफिस? हर बार लिफ्ट ना लेने से मिलेगा फायदा, जानें क्यों जाएं सीढ़ी चढ़कर?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में एक्सरसाइज के लिए अलग से समय निकालना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। ऐसे में रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाना एक व्यावहारिक तरीका हो सकता है। लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना ऐसी ही एक आदत है, जिसमें बिना जिम जाए शरीर को थोड़ी अधिक मेहनत करनी पड़ती है।

सीढ़ियां चढ़ते समय शरीर को अपना वजन ऊपर उठाना होता है, इसलिए हार्ट रेट और ऑक्सीजन डिमांड बढ़ सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि रोजाना लिफ्ट की जगह आप कुछ मंजिला सीढ़ियों का उपयोग करते हैं तो इससे ओवरऑल हेल्थ बेहतर होती है। साथ ही इससे हार्ट और वजन को हेल्दी रखने में मदद मिलती है।

रोज लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चुनना क्यों बन सकता है आसान एक्सरसाइज?

एक्सरसाइज का सबसे बड़ा फायदा तब मिलता है जब उसे नियमित रूप से किया जाए। सीढ़ियां चढ़ने की खासियत यह है कि इसे अलग से वर्कआउट सेशन की तरह करने की जरूरत नहीं होती। ऑफिस, मेट्रो स्टेशन, घर या शॉपिंग सेंटर में लिफ्ट के बजाय कुछ मंजिलों तक सीढ़ियां लेने से डेली फिजिकल एक्टिविटी बढ़ सकती है।

इसे एक्सरसाइज स्नैकिंग यानी दिन में छोटे-छोटे समय के लिए की जाने वाली फिजिकल एक्टिविटी की तरह भी देखा गया है। एनसीबीआई के अनुसार 2019 के एक ट्रायल में सीडेन्टरी यंग एडल्स ने सप्ताह में तीन दिन, दिन में तीन बार छोटी जोरदार सीढ़ियां चढ़ने की प्रेक्टिस की। छह सप्ताह बाद सीढ़ी-चढ़ने वाले समूह में कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस में सुधार देखा गया। एक्सरसाइज के लिए हमेशा 30-45 मिनट का लगातार समय जरूरी नहीं हो सकता; छोटी शारीरिक गतिविधि में भी कुल गतिविधि स्तर बढ़ाने में योगदान दिया जा सकता है।

सीढ़ियां चढ़ने से कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस को कैसे फायदा होता है?

सीढ़ियां चढ़ते समय शरीर की ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ती है। इसके जवाब में हार्ट तेजी से ब्लड पंप करता है और सांस लेने की गति भी बढ़ती है। नियमित रूप से इस तरह की एक्टिविटी करने से कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस में सुधार हो सकता है।

एनसीबीआई के अनुसार एक स्टडी में युवा महिलाओं को सीढ़ी चढ़ने का कार्यक्रम दिया गया था। आठ सप्ताह के बाद सीढ़ी चढ़ने वाले समूह के VO₂max में 17.1% की वृद्धि आंकी गई और एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल में भी कमी दर्ज की गई।

टांगों और निचले शरीर की मांसपेशियों की ताकत कैसे बढ़ सकती है?

सीढ़ियां चढ़ते समय केवल चलने की तुलना में शरीर को हर कदम पर अपने शरीर के वजन को ऊपर उठाना है। इस दौरान मुख्य रूप से क्वाड्रिसेप्स, हैमस्ट्रिंग, ग्लूट्स और पिंडली की मांसपेशियां काम करती हैं। यही कारण है कि नियमित सीढ़ी चढ़ना निचले शरीर की मांसपेशियों की सहनशक्ति और कार्यात्मक फिटनेस को जोड़ता है। एनसीबीआई के अनुसार एक अध्ययन में मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं को 12 सप्ताह तक सीढ़ी चढ़ने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद सीढ़ी चढ़ने वाले समूहों में VO₂max और Quadriceps की ताकत में सुधार देखा गया।

एनसीबीआई के अनुसार वजन कम करने के लिए शरीर द्वारा खर्च की जाने वाली एनर्जी और भोजन से मिलने वाली एनर्जी के बीच संतुलन महत्वपूर्ण है। सीढ़ियां चढ़ते समय खर्च होने वाली एनर्जी वजन कम करने के लिए खर्च की जाने वाली एनर्जी बढ़ाने का एक तरीका हो सकता है। हालांकि इसके लिए सिर्फ सीढ़ियां चढ़ने से वजन कम होने की गारंटी नहीं होती। इसके लिए डाइट, कुल फिजिकल एक्टिविटी, स्लीप, जेनेटिक्स और अन्य लाइफस्टाइल कारक भी असर डालते हैं।

कितनी सीढ़ियां चढ़ने से शुरुआत करनी चाहिए?

इसके लिए कोई एक संख्या हर व्यक्ति पर लागू नहीं होती। अगर आप अभी बिल्कुल एक्टिव नहीं हैं, तो शुरुआत में केवल 1-2 मंजिल सीढ़ियां लेने की कोशिश कर सकते हैं और शरीर की प्रतिक्रिया देखकर धीरे-धीरे एक्टिविटी बढ़ा सकते हैं।

सीढ़ियां चढ़ते समय क्या सावधानी बरतें –

  • शुरुआत धीरे करें।
  • जरूरत हो तो बीच में आराम लें।
  • अधिक उम्र है तो सीढ़ियां चढ़ते समय बगल के हैंडल को बैलेंस के लिए पकड़े।
  • आरामदायक जूते पहनें।
  • अचानक बहुत तेज गति या कई मंजिलें चढ़ने की कोशिश न करें।
  • शरीर में दर्द या असामान्य लक्षण हों तो एक्टिविटी रोक दें।

लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना रोजमर्रा की जिंदगी में फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाने का सरल तरीका हो सकता है। इससे आलास दूर होगा और शारीरिक गतिविधि में सुधार देखने को मिलता है। लेकिन, इसे वजन कम करने का एक मात्र उपाय नहीं मान लेना चाहिए। अगर आपकी सेहत इसकी अनुमति देती है, तो हर बार लिफ्ट लेने के बजाय कुछ मंजिलों के लिए सीढ़ियां चुनना आपके रोजाना मूवमेंट को बढ़ाने की एक छोटी लेकिन उपयोगी आदत बन सकती है।

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