कॉन्टैक्ट लेंस आज के चश्मे के विकल्प के रूप में काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन कई लोग थकान, देर रात घर लौटने या गलती से इन्हें निकलाना भूल जाने के कारण कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर ही सो जाते हैं। देखने में यह छोटी-सी गलती लग सकती है, लेकिन आंखों के लिए इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। कई स्टडी से पता चलता है कि कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सोना, खासकर जब वे ओवरनाइट पहनने के लिए निर्धारित न हों, तो इससे आई इंफेक्शन का खतरा बढ़ा सकता है। कॉन्टैक्ट लेंस से जुड़े गंभीर जोखिम में माइक्रोबियल केराटाइटिस शामिल है, जिसमें कोर्निया यानी आंख की सामने वाली पारदर्शी परत में संक्रमण हो सकता है।
कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सोना आंखों के लिए क्यों जोखिम कारक हो सकता है?
कॉन्टैक्ट लेंस आंख की कोर्निया की सतह पर बैठता है। जागते समय आंखों की पलकों की मूवमेंट और टियर फिल्म आंख की सतह को नम रखने में मदद करती है। लेकिन सोते समय आंखें बंद रहने से वातावरण बदल जाता है और लेंस लंबे समय तक कोर्निया के संपर्क में रहता है। कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सोने से कोर्निया तक ऑक्सीजन की उपलब्धता और आंख की सतह के सामान्य वातावरण पर असर पड़ सकता है। साथ ही लंबे समय तक लेंस पहने रहने पर लेंस की सतह पर सुक्ष्मजीव जमा होने की संभावना बढ़ सकती है। सीडीसी भी सलाह देता है कि व्यक्ति को तब तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर नहीं सोना चाहिए, जब तक डॉक्टर द्वारा विशेष रूप से ऐसा करने की सलाह न दी हो।
कॉन्टैक्ट लेंस के साथ सोने से आंखों का इंफेक्शन का जोखिम
रिसर्च ने रातभर कॉन्टैक्ट लेंस पहनना और माइक्रोबियल केराटाइटिस के बीच महत्वपूर्ण संबंध दिखाया है। एनसीबीआई के अनुसार एक स्टडी में 367 कॉन्टैक्ट लेंस से संबंधित माइक्रोबियल कोराटाइटिस केस और कंट्रोल ग्रुप को देखा गया। इसमें पाया कि रात भर लेंस पहनने वालों में माइक्रोबियल केराटाइटिस का जोखिम करीब 5.4 गुना अधिक था। एक अन्य स्टडी में रात में लेंस पहनकर सोने वालों में करीब 8 गुना संक्रमण का जोखिम से जुड़ा हुआ पाया गया।
- सोने से पहले लेंस निकालें – सीडीसी के अनुसार अगर डॉक्टर से विशेष रूप से रात में लेंस पहनने की अनुमति नहीं दी है, तो सोने से पहले लेंस निकाल देना चाहिए। रोज पहनने वाले लेंस को रातभर पहनने के लिए डिजाइन नहीं किया जाता।
- लेंस को छूने से पहले हाथ धोएं – कॉन्टैक्ट लेंस को हाथ लगाने या निकालने से पहले साबुन और पानी से हाथ अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखाएं। गीले हाथों से लेंस को न छुएं।
- पानी से कॉन्टैक्ट लेंस को दूर रखें – सीडीसी के अनुसार शॉवर, स्वीमिंग या हॉट टब के दौरान कॉन्टैक्ट लेंस पहनना संक्रमण फेलने का जोखिम बढ़ा सकता है। खासतौर पर पानी में मौजूद सुक्ष्मजीव आंख तक पहुंच सकते हैं।
- लेंस को तय समय पर बदलें – डिस्पोजल लेंस यूज करने के बाद उन्हें दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। रियूजेबल लेंस को भी डॉक्टर के द्वारा बताए नियम के अनुसार बदलना जरूरी होता है।
- लेंस की सफाई रखें – रियूजेबल कॉन्टैक्ट लेंस केस को नियमित रूप से साफ करना जरूरी है। उसमें पुराने शॉल्यूशन को बार-बार इस्तेमाल करने या नए शॉल्यूशन को पुराने शॉलूयन के ऊपर डालने से बचना चाहिए।
आज के समय ज्यादातर लोगों द्वारा कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग किया जा रहा है। लेकिन, इसे सही तरह से उपयोग करना बेहद आवश्यक होता है। यदि आपको रात में इसे ही पहनकर सो जाते हैं तो इससे आंखों में संक्रमण का जोखिम अधिक होता है। अगर आपको आंखों में जलन, असहजता, पानी आना, चिपचिपा होना, धुंधला दिखना या दर्द हो तो ऐसे में तुंरत नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए।