कान में कभी-कभार खुजली होना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर बार-बार ईयर कैनाल (Ear Canal) में खुजली होती है, कान में भारीपन महसूस होता है या इसके साथ दर्द, लालिमा और डिस्चार्ज भी नजर आने लगे तो इसे सिर्फ मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कान की खुजली के पीछे ड्राई स्किन, एक्जिमा, कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस, ईयर से जुड़ी समस्या या संक्रमण आदि कई कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि कान की खुजली एटोपिक डर्माटाइटिस, ओटिटिस एक्ट्रिना और फंगल इंफेक्शन को शामिल किया गया है।
कान में बार-बार खुजली क्यों होती है ?
मैयोक्लीनिक के अनुसार कान के बाहरी हिस्से और ईयर कैनल की त्वचा काफी संवेदनशील होती है। इस हिस्से में मौजूद त्वचा की नमी, ईयर वैक्स और सामान्य माइक्रोबायोम (Microbiome) मिलकर कान को बाहरी जलन पैदा करने वाले पदार्थ और सूक्ष्मजीव से बचाने में मदद करते हैं। जब इस संतुलन में बदलाव आता है, तो खुजली, रूखापन या जलन शुरू हो सकती है। कुछ लोगों में खुजली केवल त्वचा की समस्या होती है, जबकि कुछ मामलों में यह कान में इंफेक्शन का शुरुआती लक्षण भी हो सकती है। इसलिए लगातार या बढ़ती हुई खुजली का कारण पहचानना जरूरी है।
ईयर कैनल और ड्राई स्किन में असंतुलन
कान की त्वचा बहुत ज्यादा सूखने पर उसमें हल्की परत, खिंचाव और खुजली महसूस हो सकती है। दूसरी ओर, ईयर कैनल में अत्यधिक नमी भी समस्या पैदा कर सकती है, खासकर जब कान में पानी जाने के बाद वह लंबे समय तक अंदर बना रहे।
एनसीबीआई के अनुसार एक अध्ययन में बाहरी ईयर कैनल की त्वचा के मॉइस्चर लेवल और केवल कान में खुजली के बीच संबंध देखा गया था। इससे पता चलता है कि ईयर कैनल की त्वचा का मॉइस्चर बैलेंस खुजली में भूमिका निभा सकता है। इसलिए बार-बार कान साफ करने, अंदर की त्वचा को रगड़ने या बिना जरूरत किसी तरल का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
एक्जिमा या कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस
क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार अगर कान की त्वचा पर खुजली के साथ लालिमा, सूखापन, पपड़ी या जलन हो रही है, तो एक्जिमा या कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस एक संभावित कारण हो सकता है। कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस तब हो सकता है जब कान की त्वचा किसी ऐसे पदार्थ के संपर्क में आती है जिससे जलन और एलर्जी हो। कई बाहर हेयर प्रोडक्ट, कॉस्मैटिक्स, दवा, या मेटल से कान का अंदरूनी हिस्सा ट्रिगर हो सकता है।
ईयर इंफेक्शन और ओटिटिस एक्जिमा
एनएचएस के अनुसार कान में खुजली के साथ दर्द, कान में भराव, सुनाई कम देना या डिस्चार्ज होने लगे तो ओटिटिस एक्जिमा यानी बाहरी कान के संक्रमण की संभावना हो सकती है। इसमें ईयर कैनल की त्वचा में इंफ्लामेशन हो जाता है। इसमें खुजली और दर्द दोनों आम लक्षण हैं। कई मरीजों में कान से डिस्चार्ज भी निकल सकता है। पानी के संपर्क, कान की त्वचा में छोटी चोट और बार-बार कान में कुछ डालने जैसी चीजें इसका जोखिम बढ़ा सकती हैं। विशेष रूप से अगर कान के बाहरी हिस्से को छूने या कान को खींचने पर दर्द बढ़ता है।
कान में मैल (Earwax) का जमा होना या बहुत कम होना
ईयर बड्स से एलर्जी होना
आजकल लंबे समय तक ईयरबड्स या ईयरफोन इस्तेमाल करने से भी कुछ लोगों में ईयर कैनल जलन की समस्या देखी जा रही है। एनसीबीआई के अनुसार ईयरबड्स कान में घर्षण पैदा कर सकते हैं और लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर गर्मी तथा मॉइस्चर का वातावरण बन सकता है। जिसकी वजह से एलर्जी होने के कारण कान में खुजली की समस्या हो सकती है।
कान की खुजली से राहत के लिए क्या करें?
- कान के अंदर किसी नुकीली वस्तु से खुजली न करें।
- नहाने के बाद कान के बाहरी हिस्से को धीरे से सुखाएं।
- ईयर बड्स और ईयर फोन को नियमित रूप से साफ रखें।
- कान में लगाने वाली मशीन के इस्तेमाल के बाद खुजली बढ़ती है तो डॉक्टर से संपर्क करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के कान में दवा या तेल न डालें।
कान में खुजली के साथ तेज दर्द, लगातार डिस्चार्ज, कान के आसपास तेजी से बढ़ती सूजन या गंभीर सुनने की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डायबिटीज या कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को कान के संक्रमण को लेकर विशेष सावधानी जरूरी हो सकती है। कान में खुजली का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। केवल खुजली दबाने की बजाय यह पता लगाना ज्यादा जरूरी है कि समस्या किस वजह से हो रही है, ऐसे में आप तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करें।