मंत्री विजय शाह का भाषण हुआ म्यूट
माइक तो ठीक था, लेकिन मंत्री जी को ही म्यूट कर दिया गया। लाइव प्रसारण के दौरान मंत्री विजय शाह के भाषण की आवाज कई बार बंद की गई। मंत्री विजय शाह खंडवा के हरसूद में रानी दुर्गावती की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
एक मौके पर उन्होंने अधिकारियों के कामकाज पर सवाल उठाया। सिंचाई परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे अधिकारी इसे समझ नहीं पा रहे हैं। इतना कहते ही उनके भाषण को फिर म्यूट कर दिया गया।
इसके आगे मंत्री ने कहा कि सीएम साहब, आप अधिकारियों पर डंडा चलाइए ताकि काम शुरू हो सके। हालांकि, लाइव प्रसारण में उनकी यह बात सुनाई नहीं दे सकी। मंत्री विजय शाह ने करीब 8 मिनट तक भाषण दिया। इस दौरान कई मौकों पर उनकी आवाज बंद की गई।
खास बात यह है कि मंत्री विजय शाह अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। कई बार उनके बयानों से विवाद की स्थिति भी बनी है और सत्ता-संगठन के लिए भी असहज स्थिति पैदा हुई है। अब लोग चुटकी ले रहे हैं कि मंत्री का भाषण म्यूट करना कहीं इसी का असर तो नहीं है।
सवाल यह भी उठ रहा है कि लाइव प्रसारण में मंत्री को बार-बार म्यूट करना महज तकनीकी गड़बड़ी थी या फिर उनके बयानों पर ‘साइलेंट मोड’ लगाने की कोई कोशिश?
सांसद बोले- नशा करके डीजे पर नाचते हैं युवा
खरगोन से भाजपा सांसद गजेंद्र पटेल ने डीजे पर नाचने वाले युवाओं को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसकी जमकर चर्चा हो रही है। दरअसल, एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि डीजे पर नाचने वाले 90 फीसदी युवक और युवतियां नशा करके नाचते हैं।
सांसद ने यह बात किस आधार पर कही, ये तो वही जानें। लेकिन उनके बयान ने युवाओं में बढ़ती नशे की लत की कड़वी हकीकत की ओर जरूर इशारा किया है।
वैसे इन दिनों मध्य प्रदेश में नशे का मुद्दा चर्चा में है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रदेश को नशामुक्त करने की तारीख देकर गए हैं।
भीड़ नहीं आई तो विधायक अफसरों पर भड़के
नेता को क्या चाहिए…मंच, माइक, माला और उनकी बातों पर तालियां बजाने वाली भीड़। लेकिन जब भीड़ ही न आए तो नाराज होना लाजिमी है।
छतरपुर में भाजपा विधायक अरविंद पटेरिया को एक सरकारी शिविर में भीड़ नहीं दिखी तो वे नाराज हो गए। उन्होंने यहां तक कह दिया कि जितने कर्मचारी-अधिकारी यहां बैठे हैं, उन्हें हटा दें तो उनके घर पर इससे ज्यादा भीड़ आती है।
दरअसल, सरकार ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है। लेकिन छतरपुर में शिविर में लोगों की मौजूदगी बेहद कम रही। यही हाल सिंगरौली और डिंडौरी में भी नजर आया।
सिंगरौली में कम भीड़ देखकर विधायक रामनिवास शाह अफसरों पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि इतनी कम उपस्थिति से शर्मिंदगी हो रही है कि अधिकारियों ने काम क्या किया है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर विभाग चलाना नहीं आता तो छुट्टी ले लीजिए।
वहीं, डिंडौरी में भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने भी कम भीड़ पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक साल बाद चुनाव है और वोट मांगने हमें ही जाना पड़ता है।
यानी नेताओं का संदेश साफ है कि सरकार शिविर लगाकर सेवा कर रही है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते जनता पहुंच ही नहीं रही। खरी बात यही है कि शिविर में लोगों की कम होती मौजूदगी कहीं न कहीं सिस्टम पर भरोसे का सवाल भी खड़ा करती है।
आईएएस मैडम को मिली विशेष बधाई
हाल ही में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल आए थे। इस दौरान एक प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसमें एक विभाग की अलग-अलग शाखाओं ने अपने कामकाज का प्रदर्शन किया था।
अब इस प्रदर्शनी को लेकर विभाग के एक बड़े अधिकारी ने एक शाखा की प्रभारी महिला आईएएस अधिकारी की जमकर तारीफ की। बकायदा वॉट्सऐप ग्रुप में उनकी तारीफ में मैसेज किया गया। इसके बाद सभी ने मैडम को बधाइयां भी दीं।
ग्रुप से बाहर इस बधाई संदेश की जमकर चर्चा हो रही है। बाकी शाखाओं के अधिकारियों ने इस पर हैरानी जताई। वजह यह है कि प्रदर्शनी में सभी शाखाओं ने मेहनत की थी, फिर तारीफ अकेले मैडम के हिस्से में ही क्यों आई?
कुछ अधिकारी तो यहां तक कहते सुने गए कि अगली बार ऐसा मौका आए तो मैडम को ही पूरी प्रदर्शनी की जिम्मेदारी दे देनी चाहिए।
इनपुट सहयोग – सावन राजपूत (खंडवा), ममताराम पाटुद (खरगोन), गौरव मिश्रा (खजुराहो), राज द्विवेदी (सिंगरौली), अभिमन्यु सिंह (डिंडौरी)।
इंदौर में भाजपा के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की तुलना राखी सावंत से की है। उन्होंने पटवारी को कांग्रेस की ‘मेल राखी सावंत’ बताया है। दरअसल, जीतू पटवारी ने हाल ही में एक मंच पर सीएम डॉ. मोहन यादव की नकल उतारी थी, यानी उनकी मिमिक्री की थी। सुमित मिश्रा इसी को लेकर पलटवार कर रहे थे।