1 साल के टॉप पर पहुंचा भारत से डीजल का एक्सपोर्ट, किसे हो रहा है सबसे ज्यादा फायदा?

नई दिल्ली: दुनिया भर में डीजल की कीमत रेकॉर्ड पर पहुंच गई है। यूरोप और अमेरिका में डीजल की कीमत में हाल में काफी तेजी आई है। इस बीच सितंबर में भारत का डीजल एक्सपोर्ट एक साल के टॉप पर पहुंच गया। इस दौरान भारत ने यूरोप, अफ्रीका और एशिया के देशों को डीजल का एक्सपोर्ट किया। कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म Kpler के अनुसार सिंतबर में रोजाना लगभग 620,000 बैरल डीजल एक्सपोर्ट किया गया। इसमें से लगभग आधे शिपमेंट यूरोप गए।

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक डीजल की बढ़ती कीमतों और मार्जिन ने एक्सपोर्ट वॉल्यूम और डेस्टिनेशन पर काफी असर डाला। Kpler में रिफाइनिंग के लीड एनालिस्ट निखिल दुबे ने कहा, ‘सितंबर में दुबई के मुकाबले सिंगापुर डीजल क्रैक (प्रॉफिट मार्जिन) $60 प्रति बैरल से ऊपर चल रहा था, जो रिफाइनर के लिए डीजल प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट को ज्यादा से ज्यादा करने का एक बड़ा इंसेंटिव है।’

कहां-कहां होता है एक्सपोर्ट?

आंकड़ों के मुताबिक भारत से एक्सपोर्ट होने वाले डीजल में से रोजाना लगभग 280,000 बैरल यूरोप गया, जो अगस्त की तुलना में लगभग 80% ज्यादा है। अफ्रीका में कस्टमर्स को लगभग 200,000 बैरल, एशिया को 50,000 बैरल और अमेरिका को 40,000 बैरल शिपमेंट भेजा गया। बाकी 50,000 बैरल अनजान जगहों पर गया। हालांकि, केप्लर के अनुसार रूस को कोई डीजल नहीं भेजा गया।

सितंबर में बेंचमार्क डीजल की कीमतें एक साल पहले की तुलना में दोगुनी थीं। वेस्ट एशिया और रूस में रिफाइनरी और शिपिंग में आई रुकावटों के कारण ऐसा हुआ। सप्लाई कम होने और बढ़ती कीमतों की वजह से चीन ने डीजल एक्सपोर्ट पर बैन लगाया है। हाल में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों को अपने रिजर्व से डीजल रिलीज करने को कहा था।

भारत की सबसे बड़ी एक्सपोर्टर

यूरोप पूरी तरह डीजल के आयात पर निर्भर है। डीजल के एक्सपोर्ट पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स सितंबर में लगभग $37 प्रति बैरल एक्सपोर्टर्स के लिए दुनिया भर में मौजूद मार्जिन का एक बड़ा हिस्सा खत्म कर देता है। हालांकि, यह टैक्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओनली एक्सपोर्ट करने वाली जामनगर यूनिट पर लागू नहीं होता है। यह भारत की मुख्य एक्सपोर्टर है।

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