इस्लामाबाद: लद्दाख पर चीन के बयान के बयान के बाद उसके दोस्त पाकिस्तान ने भी बीजिंग के सुर में सुर मिलाया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर को लेकर जहर उगला है और इसे एक अंतरराष्ट्रीय विवादित क्षेत्र बताया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 5 अगस्त 2029 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने के भारत के कदम को अवैध बताया।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में ये बात कही। हैदर से चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के बयान को लेकर पूछा गया जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन ने भारत द्वारा एकतरफा और गैर-कानूनी तरीके से बनाए गए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को कभी मान्यता नहीं है। हैदर से चीनी टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रिया मांगी गई।
जम्मू-कश्मीर को कहा विवादित क्षेत्र
इस सवाल पर पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा, "5 अगस्त 2029 को भारत के उठाए गए कदम अवैध और अमान्य हैं। इनसे इस तथ्य में कोई बदलाव नहीं आता कि जम्मू-कश्मीर एक अंतरराष्ट्रय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवादित क्षेत्र है, जिसकी अंतिम स्थिति का निर्धारण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की इच्छाओं के अनुसार किया जाएगा।"
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हैदर ने भारत के खिलाफ जहर उगला और जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र समेत अलग-अलग मंचों पर यह मुद्दा उठाते रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान भी कश्मीर का राग अलापा था। नई दिल्ली ने लगातार कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र समेत पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।
चीन ने लद्दाख पर क्या कहा?
भारत ने हाल ही में लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में मौजूद 28 जगहों के नाम बदल दिए थे। भारत के गृह मंत्रालय ने 2 अक्टूबर को इन नामों के मानकीकरण की घोषणा की। इसका उद्देश्य सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शे पर इन जगहों और भौगोलिक विशेषताएं की औपचारिक पहचान करना था, ताकि लोग इन्हें सही ढंग से पहचान सकें और इनके बारे में बेहतर जानकारी रख सकें।
भारत के इस कदम से चीन तिलमिला गाया और इसे अवैध करार दिया। चीन ने दावा किया कि चीन-भारत सीमा का पश्चिमी सेक्टर चीन का हिस्सा है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, "चीन ने कभी भी भारत द्वारा एकतरफा और अवैध रूप से बनाए गए तथाकथित लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश को मान्यता नहीं दी है। हम भारत द्वारा जारी किए गए इन तथाकथित मानक नामों का कड़ा विरोध करते हैं।"