डलास: अमेरिका में अहमदबाद जैसा विमान हादसा होते-होते बचा है। अमेरिका के वॉशिंगटन स्थित डलास एयरपोर्ट पर यूनाइटेड एयरलाइंस का एक बोइंग 777‑200 विमान का एक इंजन टेक ऑफ के समय बंद हो गया। शनिवार को हुई इस घटना के समय विमान में 275 यात्री और चालक दल के 15 सदस्य सवार थे। बताया जा रहा है कि यह विमान जापान की राजधानी टोक्यो जा रहा था। इंजन बंद होने के बाद बोइंग विमान के पायलटों ने तत्काल यू टर्न लिया और एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग की। इससे सभी यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसकी तुलना गुजरात के अहमदाबाद में बोइंग विमान हादसे से कर रहे हैं। अहमदाबाद हादसे में भी इंजन बंद होने की बात सामने आई थी और इसमें 260 लोग मारे गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक पायलट ने इंजन बंद होते ही इमरजेंसी का ऐलान कर दिया। पायलट ने सभी मानकों का पालन किया और विमान को अपने कंट्रोल में रखा। वहीं चालक दल के अन्य सदस्यों ने प्लेन के तत्काल लैंडिंग की तैयारी को पूरा किया। पायलट और क्रू मेंबर्स की सूझबूझ से विमान ने सुरक्षित तरीक से आपात लैंडिंग कर ली। इस दौरान किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ। विदेशी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एयरक्राफ्ट को टर्मिनल फिर से टर्मिनल पर ले जाया गया। रनवे पर एक आगजनी की भी घटना हुई जो कथित रूप से इंजन बंद होने की वजह से लगी थी।
एयरपोर्ट के रनवे पर लग गया था आग
एयरपोर्ट के फायर क्रू के सदस्य कुछ ही मिनट में घटना स्थल पर पहुंच गए और उन्होंने तुरंत आग को सफलतापूर्वक बुझा दिया जिससे यह भड़की नहीं और सभी यात्री सुरक्षित रहे। विमान के लैंड होते ही सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से निकाला गया और उन्हें सुरक्षित जगह ले जाया गया। बाद में एयरलाइन कंपनी ने यात्रियों के लिए एक दूसरी फ्लाइट का इंतजाम किया गया। यूनाइटेड एयरलाइन कंपनी के प्रबंधन ने फ्लाइट के क्रू मेंबर्स और ग्राउंड टीम की तारीफ की जिन्होंने तत्काल एक्शन लिया।एयरलाइन ने यात्रियों से असुविधा के लिए माफी मांगी है। वहीं अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने इंजन में खराबी आने की जांच शुरू की है। वे विमान के फ्लाइट डाटा रेकॉर्डर, मेंटेंनेंस लॉग और खुद इंजन की जांच कर रहे हैं ताकि उसके बंद होने की वजह का पता लगाया जा सके। साथ ही वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस तरह की घटना दोबारा न हो। एयरलाइन कंपनी ने भी कहा है कि वह जांच में मदद करेगी और तब तक प्लेन को दोबारा सर्विस में नहीं लाएगी जब तक तकनीकी एक्सपर्ट इसकी जांच नहीं कर लेते।