भोपाल। जयपुर की फैशन डिजाइनर के आरोपों से घिरे पीटीआरआई के एआईजी राजेश मिश्रा के विरुद्ध शासन विभागीय जांच शुरू कर सकता है। गृह विभाग उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी जवाब मांगने की तैयारी कर रहा है। विभागीय जांच का मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास भी जाएगा, क्योंकि गृह विभाग उन्हीं के पास है।
फैशन डिजाइनर ने पिछले वर्ष अक्टूबर और नवंबर में डीजीपी को अलग-अलग शिकायत भेजकर राजेश मिश्रा पर धोखाधड़ी सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। इस पर डीजीपी कैलाश मकवाणा ने डीआइजी तरुण नायक से मामले की जांच कराई, नायक ने जांच रिपोर्ट एक पहले डीजीपी को सौंप दी थी।
अब यह रिपोर्ट शासन (गृह विभाग) को भेजी गई है। कारण, डीएसपी से ऊपर के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्णय शासन ही लेता है। जांच रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं पर गृह विभाग द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर विभागीय जांच प्रारंभ होगी।
महिला ने लगाए हैं ये आरोप
बता दें कि महिला ने शिकायत में आरोप लगाया था कि जयपुर में फरवरी 2025 में राजेश मिश्रा से उनकी भेंट एक शादी समारोह में हुई थी। तब उन्होंने बताया था कि वह लोकायुक्त में एसपी हैं। इसके बाद लगातार बात होने लगी। उन्होंने अपने और स्वजन के लिए जयपुर में कपड़े, ज्वेलरी आदि खरीदी जिसका 32 लाख रुपये का भुगतान मुझसे (फैशन डिजाइनर) कराया, लेकिन यह राशि वापस नहीं की।