भोपाल: विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) राम प्रसाद मिश्र के न्यायालय ने स्वास्थ्य विभाग में पदोन्नति की फाइल जल्दी चलाने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले आरोपी सुरेश सिंह ठाकुर को दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास एवं छह हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार डॉ. बलवीर कैथोरिया निवासी चन्द्रशेखर वार्ड, बीना जिला सागर अपनी पत्नी डॉ. मंजू कैथोरिया के पदोन्नति प्रकरण का आवेदन देने 26 अगस्त 2015 को वल्लभ भवन स्थित स्वास्थ्य विभाग पहुंचे थे। वहीं उनकी मुलाकात सुरेश सिंह ठाकुर से हुई। आरोपी ने स्वयं को काम कराने वाला व्यक्ति बताते हुए कहा कि बिना भटके फाइल आगे बढ़ानी है तो 5 हजार रुपये देने होंगे। उसने विभागीय कार्यालय से फाइल लेकर उसकी फोटो कॉपी कराई और ई-मेल आईडी भी ले ली।
अगले दिन आरोपी ने फोन कर कार्य कराने का दावा करते हुए राशि अपने एसबीआई खाते में जमा कराने को कहा। आवेदक रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने विशेष स्थापना पुलिस लोकायुक्त संगठन भोपाल में शिकायत कर दी। सत्यापन के बाद प्रकरण दर्ज कर जांच की गई और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए न्यायालय ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कारावास तथा छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।