नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में आजकल चल रही ‘कोल्ड वॉर’ का एक अहम हिस्सा चीफ सलेक्टर अजीत अगरकर भी हैं, जिन पर हेड कोच गौतम गंभीर के साथ मिलकर रोहित शर्मा और विराट कोहली को ट्रांजिशन के नाम पर रिटायरमेंट के लिए मजबूर करने के आरोप क्रिकेट फैंस लगाते हैं। अपने समय के जोरदार ऑलराउंडर रहे अगरकर का जन्म 4 दिसंबर, 1977 को मुंबई में हुआ था। लॉर्ड्स जैसे मैदान में टेस्ट शतक बनाने वाले अगरकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार 7 टेस्ट पारी में खाता भी नहीं खोल पाने का शर्मनाक रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था। इसके अलावा भी कई खास रिकॉर्ड अजीत अगरकर के खाते में शामिल हुए हैं।
सचिन तेंदुलकर के कोच के ही शिष्य
अजीत अगरकर उसकी क्रिकेट स्कूल के स्टूडेंट थे, जिसने भारतीय क्रिकेट को सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली जैसे सितारे दिए थे। रमाकांत आचरेकर की इसी कोचिंग एकेडमी से अमोल मजूमदार भी निकले थे, जो भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक रहे हैं और अब उन्होंने अपनी कोचिंग में महिला टीम इंडिया को उसका पहला वर्ल्ड कप खिताब जिताया है। अजीत अगरकर ने मुंबई की स्कूल क्रिकेट में तिहरा शतक भी बनाया था और एकसमय उन्हें फ्यूचर का सचिन तेंदुलकर कहा जाता था। हालांकि इसके बाद उन्होंने बैटिंग से ज्यादा बॉलिंग पर ध्यान दिया और एक गेंदबाज के तौर पर टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था।
टेस्ट से ज्यादा वनडे स्पेशलिस्ट माने गए
अजीत अगरकर का टेस्ट रिकॉर्ड उतना खास नहीं रहा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1999-2000 के दौरे में उन्होंने लगातार 7 पारी में डक स्कोर करने का शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया तो अपने नाम चार लगातार गोल्डन डक का भी रिकॉर्ड दर्ज किया। हालांकि साल 2002 में अगरकर ने इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स टेस्ट में अपना इकलौता शतक बनाया। इसके अलावा वनडे में भी जिम्बाब्वे के खिलाफ महज 21 गेंद में फिफ्टी लगाते हुए 25 गेंद में 63 रन की पारी खेली थी। अगरकर के इकलौते 5 विकेट हॉल की बदौलत टीम इंडिया ने 2003-04 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड टेस्ट में ऐतिहासिक जीत भी हासिल की थी। इस मैच में अगरकर ने 41 रन पर 6 विकेट के मैच विनिंग परफॉर्मेंस के साथ कुल 160 रन देकर 8 विकेट लिए थे। हालांकि अगरकर को इसके बाद टेस्ट से ज्यादा वनडे मैचों का स्पेशलिस्ट माना गया और उसमें ही अगरकर लगातार खेलते रहे।
वनडे में सबसे तेज 50 विकेट का बनाया था रिकॉर्ड
अगरकर ने वनडे में महज 23 मैच में 50 विकेट पूरे करके ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज डेनिस लिली (24 मैच) का रिकॉर्ड तोड़ा था। हालांकि बाद में साल 2008 में यह रिकॉर्ड श्रीलंका के स्पिनर अजंथा मैंडिस ने 19 मैच में 50 विकेट पूरे करके तोड़ दिया था। अगरकर ने 26 टेस्ट मैच में 58 विकेट लेने के साथ 1 शतक की मदद से 571 रन बनाए थे, जिसमें नॉटआउट 109 रन उनका हाई स्कोर रहा था। वनडे में अगरकर ने 191 मैच में 288 विकेट लेने के साथ ही 1269 रन भी बनाए थे, जिसमें 3 फिफ्टी शामिल है। अगरकर 2007 टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम इंडिया का भी हिस्सा थे। टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 4 मैच में 3 विकेट लेने के अलावा 15 रन बनाए हैं। अगरकर की कप्तानी में मुंबई ने 2012-13 सीजन में रिकॉर्ड 40वीं बार रणजी ट्रॉफी खिताब जीता था, जिसके बाद उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया था।
रोहित-कोहली के साथ तनातनी का दौर
अजीत अगरकर के चीफ सलेक्टर रहने के दौरान ही टीम इंडिया में ट्रांजिशन यानी पुराने दिग्गजों को हटाकर फ्यूचर के लिए प्लेयर्स लाने की चर्चा शुरू हुई है। इस चर्चा के चलते रोहित शर्मा और विराट कोहली पर इतना दबाव बना कि उन्होंने पहले टी20 क्रिकेट से रिटायरमेंट लिया। इसके बाद इसी साल इंग्लैंड के दौरे से ठीक पहले दोनों ने टेस्ट क्रिकेट को भी टाटा कर दिया है। अगरकर की अगुआई वाली सलेक्शन कमेटी ने ही इंग्लैंड दौरे पर रोहित को हटाकर शुभमन गिल को कप्तानी देने की तैयारी की थी। इसके बाद भारतीय वनडे इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में से एक होने पर भी रोहित शर्मा को इस फॉर्मेट की कप्तानी से भी हटाया गया है। इसके चलते ही टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में माहौल ‘कोल्ड वॉर’ जैसा बना हुआ है।