2.27 लाख नोटिसों के बाद मची अफरा-तफरी, अब बीएलओ घर आकर करेंगे सत्यापन

भोपाल। राजधानी की सातों विधानसभा सीटों की मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने के अभियान में अचानक आई तकनीकी और तार्किक विसंगतियों ने जिला निर्वाचन कार्यालय का गणित बिगाड़ दिया है। पहले केवल 1.16 लाख नो मैपिंग वाले मतदाताओं के लिए शेड्यूल बनाया गया था, लेकिन अब नाम, उम्र और पते जैसी गलतियों वाले 2 लाख 27 हजार 129 मतदाताओं को नोटिस जारी होने से वार्ड दफ्तरों में काम का बोझ और भीड़ दोनों बढ़ गई है।

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने नई व्यवस्था लागू की

बढ़ती भीड़ और मतदाताओं की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने नई व्यवस्था लागू की है। अब जिन लोगों को नोटिस मिले हैं, उन्हें वार्ड दफ्तरों या एईआरओ के चक्कर काटने की मजबूरी नहीं होगी। बीएलओ सीधे मतदाता के घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कर सकेंगे। इससे बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

सुनवाई का समय बढ़ा, अब 14 फरवरी तक मौका

लॉजिकल विसंगतियों की बड़ी संख्या को देखते हुए जिला निर्वाचन कार्यालय ने पूर्व निर्धारित शेड्यूल में बदलाव किया है। अब सुनवाई की तिथि 14 फरवरी तक बढ़ा दी गई है। वार्ड दफ्तरों में रोजाना 250 से 300 लोगों की सुनवाई की जा रही है, ताकि समय पर एसआईआर का काम पूरा किया जा सके। इस दौरान नए नाम जोड़ने और पते में संशोधन से जुड़े आवेदन भी लिए जा रहे हैं।

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