राजनांदगांव, राजनांदगांव जिले के ग्राम ककरेल में अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना वैध अनुमति और कागजी हेराफेरी के जरिए वाटर पार्क बनाया जा रहा है। अधिवक्ता दमयंती मंडल ने कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर निर्माण पर तत्काल रोक और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि पूरे प्रोजेक्ट की नींव ही गलत तथ्यों पर रखी गई है। मामले में धोखाधड़ी और कागजी हेरफेर के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह भी आरोप है कि भूमि स्वामी घनश्याम देवांगन ने भ्रामक इश्तहार प्रकाशित कर भूमि का डायवर्सन कराया।
यह डायवर्सन केवल व्यावसायिक प्रयोजन, यानी दुकानों के लिए भू-राजस्व संहिता की धारा 59(2) के तहत स्वीकृत था। वाटर पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट के लिए इसे वैध नहीं माना जा सकता।
नक्शे में सड़क, मौके पर नहीं
शिकायत में कहा गया है कि इंजीनियर के माध्यम से गलत नक्शा प्रस्तुत कर जमीन को छह हिस्सों में डायवर्ट कराया गया। दस्तावेजों में सड़कों का उल्लेख है, जबकि मौके पर ऐसी कोई सड़क नहीं है। कागजों में दुकान निर्माण दर्शाया गया है, पर जमीन पर वाटर पार्क का ढांचा खड़ा किया जा रहा है।
पंचायत राज और नगर निवेश नियमों की अनदेखी
प्रोजेक्ट में राजस्व नियमों के साथ पंचायत राज संशोधन अधिनियम 2016 की धाराओं की अनदेखी का आरोप है। नगर और ग्राम निवेश से सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति लिए बिना ले-आउट और नक्शा पास कराए निर्माण जारी बताया गया है।
पर्यावरण और सुरक्षा मानकों पर सवाल
आरोप है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट के लिए जरूरी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और जलापूर्ति मानकों का पालन नहीं किया गया है। इससे भू-जल प्रदूषण की आशंका जताई गई है। फायर फाइटिंग सिस्टम और पार्किंग जैसी अनिवार्य सुरक्षा सुविधाएं भी मौके पर नजर नहीं आ रहीं।
12 विभागों को भेजी गई शिकायत
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की प्रतिलिपि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, मुख्यमंत्री कार्यालय, राजस्व मंत्री, क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल और पुलिस अधीक्षक समेत 12 विभागों को भेजी गई है। शिकायत में उल्लेख है कि यदि संबंधित अधिकारी निर्माण रोकने में लापरवाही बरतते हैं तो पंचायत राज अधिनियम के तहत उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
निर्माण सील कर निष्पक्ष जांच की मांग
अधिवक्ता ने मांग की है कि अवैध निर्माण को तुरंत सील किया जाए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।