विवादित और बेतुके बयान देने वाले केबिनेट मंत्री विजय शाह ने रतलाम में सरकारी बैठक में लाड़ली बहनों को धमकी देने वाले बयान से पलटी मार ली है। भाजपा में प्रदेश संगठन की पूछताछ के बाद उन्होंने सफाई में बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने वाला बताया।
शाह ने कहा, लाड़ली बहना को लेकर उन्होंने यह बात बैठक के बाद अनौपचारिक रूप से कही थी, जो अपात्र होने के बावजूद लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही हैं। शाह ने कहा कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। बयान को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक बातों का मैं खंडन करता हूं। शाह ने कहा कि उनके दिल में लाड़ली बहनों को लेकर किसी तरह की दुर्भावना नहीं हैं।
इससे पहले उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विजय शाह ने 12 मई को अमर्यादित बयान देते हुए उन्हें आतंकियों की बहन बताया था। इसके बाद जब विरोध हुआ तो उन्होंने इसी तरह अगले दिन 13 मई को सफाई देते हुए कहा कि था उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।
उनके मन में किसी तरह की दुर्भावना नहीं हैं। शाह के बार-बार विवादित बयान पर रविवार को प्रदेश संगठन के स्तर से उनसे पूछताछ की गई। साथ ही हिदायत भी दी गई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शाह से बातचीत कर सकते हैं।
कहा था– जिनके ढाई-ढाई सौ रुपए बढ़े, उनकी जांच कराएंगे
रतलाम में 13 दिसंबर को जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में शाह बतौर प्रभारी मंत्री पहुंचे थे। इसी बैठक में उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी से पूछा था कि जिले में लाड़ली बहनों की संख्या कितनी है। अधिकारी ने बताया कि जिले में करीब ढाई लाख लाड़ली बहनें हैं।
इस पर मंत्री ने कहा था कि मुख्यमंत्री को दो साल हो गए हैं। ढाई लाख में से कम से कम 50 हजार तो सम्मान करने आना चाहिए। सरकार 1500 रुपए के हिसाब से करोड़ों रुपए दे रही है। तो दो साल में एक बार धन्यवाद तो बनता है। भोजन हम करा देंगे। जो नहीं आएंगी, फिर देखते हैं…”। इसके बाद मंत्री ने बेहद विवादास्पद बयान देते हुए कहा-“जिनके ढाई-ढाई सौ रुपए बढ़ रहे हैं, उनकी जांच करेंगे।
किसी का आधार लिंक नहीं है तो जांच थोड़ी पेंडिंग कर देंगे। मतलब वो पेंडिंग हो ही जाएंगी। फिर सब आएंगी।
पार्टी संगठन कर सकता है तलब
शाह के विवादित बयानों से भाजपा संगठन और सरकार दोनों को बार-बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर भाजपा संगठन में विचार चल रहा है। पार्टी शाह को तलब कर उन्हें फिर से चेतावनी जारी कर सकती है।
मामला संज्ञान में लिया है
पार्टी ने यह मामला संज्ञान में लिया है। उन्होंने अपनी तरफ से सफाई तो दे दी है, लेकिन संगठन के स्तर पर उनसे बात की गई है। – हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा