भोपाल। विश्व धरोहर में शामिल पर्यटन स्थल खजुराहो आने वाले वर्षों में पर्यटकों को और लुभाएगा। साथ ही अलग अनुभव देगा। इसके आसपास के कुछ गांव ‘आर्ट एंड क्राफ्ट विलेज’ के रूप में विकसित किए जाएंगे।इसके अतिरिक्त 200 एकड़ में ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट के अंतर्गत पर्यटन के ऐसे केंद्र बनाए जाएंगे जो नए व अलग अनुभव देंगे। यहां बड़े समूहों के होटल होंगे तो इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधाएं बहुत उन्नत स्तर की होंगी। वास्तुकला लगभग एक जैसी होगी।
जल प्रपातों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा
इसी तरह से ‘आर्ट एंड क्राफ्ट विलेज’ के रूप में विकसित किए जा रहे गांवों में समरूपता की दृष्टि से प्रयास किए जाएंगे। आसपास के डैम और जल प्रपातों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। यहां बुनियादी सुविधाओं-संसाधनों का विकास किया जाएगा।
लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे
राज्य सरकार खजुराहो को विकसित करने के ये प्रस्ताव केंद्र सरकार को ‘वन स्टेट-वन डेस्टिनेशन’ योजना के अंतर्गत भेजने जा रही है। इसमें लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही पीपीपी मॉडल को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। दूसरा, स्थानीय स्तर पर ही ट्रस्ट, प्राधिकरण या अन्य स्वरूप में एक संस्था बनेगी जो खजुराहो में पर्यटन सुविधाओं के लिए नियोजन, विकास, निगरानी और संधारण के लिए काम करेगी।
खजुराहो में प्रति वर्ष औसतन 38 हजार विदेशी पर्यटक आते हैं
अभी यह काम मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम करता है, जिससे स्थानीय स्तर पर कई दिक्कतें आती हैं। बता दें, खजुराहो में प्रति वर्ष औसतन 38 हजार विदेशी पर्यटक आते हैं। इनकी संख्या और ठहरने की अवधि बढ़ाने की दृष्टि से पर्यटन सुविधाओं में विस्तार किया जाएगा।
इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे। साथ ही देश-दुनिया में खजुराहो का नाम और अच्छे पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होगा। पर्यटन सुविधाओं का विस्तार इस तरह से किया जाएगा कि खजुराहो आने वाले पर्यटक पन्ना टाइगर रिजर्व सहित आसपास के अन्य स्थलों का भी भ्रमण करें।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को एक मॉडल ड्राफ्ट बनाकर दिया है
मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को एक मॉडल ड्राफ्ट बनाकर दिया है कि ‘वन स्टेट-वन डेस्टिनेशन’ के अंतर्गत किस-किस तरह के काम हो सकते हैं। अब पर्यटन विकास निगम स्थानीय परिस्थितियों और संसाधनों के अनुसार विकास की योजना बना रहा है।