बालाघाट में एक मादा बाघ की मौत के बाद सीनियर अफसरों को जानकारी दिए बगैर उसका शव जलाने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी के बाद यहां के डीएफओ अधर गुप्ता को सरकार ने चार्जशीट जारी किया है। गुप्ता से 15 दिन में जवाब मांगा गया है। उधर गुप्ता की पत्नी और बालाघाट में ही पदस्थ आईएफएस अफसर नेहा श्रीवास्तव पहले ही कांग्रेस विधायक द्वारा रुपए मांगे जाने को लेकर विवादों में हैं।
अधर गुप्ता दक्षिण बालाघाट वन मंडल के डीएफओ हैं। इन वनमंडल में लालबर्रा के अहियाटिकुर बीट में वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर उचित प्रबंध नहीं किए गए हैं। यह क्षेत्र डीएफओ अधर गुप्ता के कार्यक्षेत्र में आता है। उन्हें दी गई चार्जशीट में इस मामले में भी जवाब तलब किया गया है।
डीएफओ अधर गुप्ता पर मादा बाघ की मौत छिपाने और शव जलाने का आरोप है। यहां बाघ की संदिग्ध मौत के बाद डीएफओ गुप्ता ने इस घटना की जानकारी न तो पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ को दी, न ही एनटीसीए को रिपोर्ट भेजी। उन्होंने मादा बाघ के शव को गुपचुप तरीके से जलवा दिया।
वनपाल टीकाराम, वनरक्षक हिमांशु मुख्य जिम्मेदार बताए जा रहे
इस चार्जशीट में कहा गया है कि वनपाल टीकाराम हनोते और वनरक्षक हिमांशु घोरमारे इस मामले में जिम्मेदार हैं और जो डीएफओ के समक्ष पेश होने के बाद से फरार हैं। यह मामला सामने आने के बाद शासन ने 2016 बैच के डीएफओ गुप्ता से 15 दिन में जवाब मांगा है।
उनके खिलाफ बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने भी शिकायत की है। उन पर आरोप है कि गुप्ता ड्यूटी के दौरान शराब पीते हैं और वन अपराधियों से मिलीभगत रखते हैं। दूसरी ओर गुप्ता की पत्नी और उत्तर वन मंडल बालाघाट की डीएफओ नेहा श्रीवास्तव पहले से विवाद में हैं। डेढ़ माह पहले विधायक अनुभा मुंजारे ने उन पर 3 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इसकी जांच एपीसीसीएफ कोमलिका मोहंता और सीएफ वासु कन्नौजिया कर रहे हैं।