धमतरी में धर्मांतरित महिला के अंतिम संस्कार पर विवाद

धमतरी, छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक धर्मांतरित महिला के शव को दफनाने को लेकर देर रात तक विवाद चला। ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने परिजनों को शव दफनाने से रोक दिया, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कई घंटों की बैठक के बाद, परिजनों ने महिला का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार करने पर सहमति जताई है।

यह घटना धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र के बोराई गांव की है। बुधवार शाम एक महिला की मृत्यु हो गई थी। गुरुवार को जब परिजन शव को दफनाने की तैयारी कर रहे थे, तभी गांव में विवाद शुरू हो गया। ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि महिला ने धर्मांतरण कर लिया था और उन्होंने शव को गांव में दफनाने से रोक दिया।

विवाद बढ़ने पर पुलिस टीम, एसडीएम और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। परिजनों को हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार करने की सलाह दी गई, लेकिन उन्होंने इसे मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद शव को नगरी ले जाकर दफनाने की योजना बनाई गई, जहां पहले से ही गड्ढा खोदा जा चुका था।

हालांकि, नगरी में भी स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई, जिससे वहां भी विवाद खड़ा हो गया। एसडीएम और एडिशनल एसपी सहित पुलिस अधिकारियों ने नगरी के स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों के साथ लंबी चर्चा की। देर रात तक बोराई गांव में प्रशासन, पुलिस, हिंदू संगठन और ग्रामीणों के बीच बैठकें चलती रहीं।

कई घंटों के विवाद और बैठकों के बाद अंततः यह मामला शांत हुआ। परिजनों ने महिला का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार करने का निर्णय लिया है। बताया गया है कि बोराई गांव की यह महिला साहू परिवार से थी और उसने धर्मांतरण कर लिया था। परिजनों ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में ऐसी कोई ‘गलती’ होती है, तो वे गांव छोड़ देंगे।

बैठक में मृतक महिला के परिजनों ने सबके सामने दिए गए सहमति पत्र दिया की सर्व समाज बोराई क्षेत्र को हम सहपरिवार हिन्दू धर्म से बाहकवा में आकर ईसाई धर्म के कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे। चुंकि सह परिवार मुख्य धारा में हिन्दू रीति रिवाज़ एवं क्षेत्र वासियो के देवी देवताओं के पूजा पाठ एवं ग्रामीण रीति नीति में साथ देंगे एवं हमारे पूर्ण परिवार के द्वारा पुनः किसी भी प्रकार ईसाई धर्म या प्रचारक से सम्बन्ध नहीं होगा।

पूरा परिवार सर्व समाज क्षेत्र बोराई से पुनः प्रार्थना करता है। पुनः ईसाई धर्म अपनाने पर स्वयं गांव छोड़ कर अन्य चले जायेंगे।एएसपी मणिशंकर चंद्रा कहा ग्राम बोराई में साहू समाज की एक महिला की मृत्यु हो गई थी।

समाज के लोगों में और परिवार में भी कुछ विवाद चल रहा था, विवाद को लेकर उनके दाह संस्कार क्रिया के लिए समस्या उत्पन्न थी।जिसको लेकर पर एक सामाजिक बैठक का समाज के द्वारा की गई है।आखिर में सामाजिक स्तर निराकरण किया गया है।और स्थिति शांति पूर्ण है।

Spread the love