भोपाल EOW की आवक-जावक शाखा में पदस्थ एएसआई परवीन नकवी की कार ने बुजुर्ग गार्ड को टक्कर मार दी। हादसे में घायल गार्ड की रविवार (23 नवंबर) को इलाज के दौरान मौत हो गई। एक दिन पहले उनकी बेटी का निकाह था, जिसे पिता की हालत को देखते हुए टाल दिया गया। मामले में कोहेफिजा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, अब्दुल शफीक (58) शाहजहांनाबाद इलाके में बकरी वाली मस्जिद के पास रहते थे। कोहेफिजा की हाईप्रोफाइल रिगालिया हाइट्स में बतौर सिक्योरिटी गार्ड नौकरी करते थे। 7 नवंबर 2025 को नाइट ड्यूटी के बाद सुबह घर जा रहे थे।
कोहेफिजा अस्पताल सिग्नल पर उनकी बाइक को एएसआई परवीन नकवी की नेक्सा कार ने टक्कर मार दी। इस दौरान कार खुद परवीन नकवी ड्राइव कर रही थीं। वे घायल को लेकर हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचीं। जहां से परिजन उन्हें भैंसाखेड़ी चिरायु अस्पताल ले गए। यहां करीब दो हफ्ते तक इलाज चला।
परिजन बोले- इलाज का आश्वासन दिया, अब बदसलूकी करती हैं दामाद राशिद ने बताया कि ससुर अब्दुल शफीक को परवीन नकवी ने हमीदिया में भर्ती कराया। चिंताजनक हालत देखकर एएसआई ने उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने की खुद सलाह दी। जिसके बाद भैंसाखेड़ी स्थित चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने के बाद से एएसआई कभी नहीं आईं। कॉल करने पर बदसलूकी करती हैं। हम पर बदसलूकी करने के आरोप लगाती हैं। पुलिस का रौब दिखाकर धमकाती हैं।
हमने उनके खिलाफ कोहेफिजा थाने में एफआईआर दर्ज करा रखी है। पुलिस ने उनकी कार को जब्त किया था। अब ससुर की मौत हो चुकी है, आरोपी एएसआई के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज होना चाहिए।
महिला एएसआई का ऑडियो भी सामने आया अब्दुल शफीक की मौत से पहले परिजन ने महिला एएसआई से मोबाइल पर बात की थी। इसका ऑडियो भी सामने आया है। परिजन मिन्नतें कर रहे हैं कि मरीज की हालत बेहद नाजुक है। इस पर महिला एएसआई परवीन कहती हैं कि गलती मेरी नहीं थी। हमेशा बड़े वाहन वाले को ही जिम्मेदार बताया जाता है। अब्दुल शफीक खुद गाड़ी के सामने आकर गिरे हैं।
परिजन कहते हैं- आपने इलाज कराने का वादा किया था। हमारे पास पैसों का इंतजाम नहीं है। हम आगे इलाज कराने के काबिल नहीं है। इस पर महिला एएसआई कहती हैं- हमने तो हमीदिया में भर्ती कराया था, प्राइवेट अस्पताल ले जाने से पहले आयुष्मान कार्ड है कि नहीं यह भी पूछा था।
बेटी की शादी के लिए 35 हजार कर्ज ले रखा था अब्दुल शफीक की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। छोटी का 22 नवंबर को निकाह होना था। अगले साल मार्च में विदाई और वलीमा (रिसेप्शन) होना था।
निकाह से पहले अब्दुल शफीक ने एक दोस्त से 35 हजार रुपए उधार लिए थे। यह रकम भी शफीक के इलाज में ही खर्च हो गई। अन्य लोगों से भी कर्ज लेकर उनका इलाज कराया गया, लेकिन शफीक की जान नहीं बच सकी।
टीआई बोले- मर्ग कायम कर जांच शुरू की कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला के मुताबिक, मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की है। घटना स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक करेंगे। इसके बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।