मेयर-पार्षद विवाद के बाद आज हंगामेदार होगी सामान्य-सभा

बिलासपुर, बिलासपुर नगर निगम की मेयर पूजा विधानी अपने कार्यकाल का दूसरा बजट सोमवार को पेश करेंगी। इस बार बजट करीब 1100 करोड़ रुपए का होगा। सामान्य सभा इस बार हंगामेदार हो सकती है। क्योंकि, भाजपा पार्षद दल की बैठक में मेयर और पार्षद के बीच हुई तीखी-बहस के साथ ही विपक्षी दल के पार्षद के पार्षदों ने पानी, सड़क और जाम, सफाई जैसे जनहित के मुद्दे पर मेयर को घेरने की रणनीति बनाई है। दूसरी तरफ निगम के बजट में केवल निर्माण कार्यों पर ही नहीं, बल्कि स्मार्ट सिटी सुविधाएं, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।

नगर निगम ने इस बार बजट में शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं पर खास फोकस किया है। विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने के लिए शहर में फ्री वाई-फाई सुविधा शुरू करने की योजना है। वहीं छात्राओं के लिए मुफ्त सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके।

भाजपा में खींचतान, पानी, सड़क-जाम जैसे मुद्दों को लेकर हो सकता है हंगामा

सामान्य सभा से पहले कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने सीनियर कांग्रेस नेताओं के साथ पार्षद दल की बैठक ली थी, जिसमें भाजपा की निगम सरकार को पानी, सड़क और जाम के मुद्दे पर घेरने की रणनीति बनाई गई। इस बैठक में जन समस्याओं को मजबूती से उठाना और भाजपा को जनहित के मुद्दों पर घेरने की बात कही गई।

कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि वार्ड निधि वितरण में भेदभाव किया जा रहा है। इसके साथ ही गर्मी के मौसम में पेयजल संकट, खराब सड़कों की स्थिति, निराश्रित पेंशन में देरी, बजबजाती नालियां, मच्छरों का बढ़ता प्रकोप, मुख्य मार्गों पर जाम और आवारा पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का निर्णय बैठक में लिया गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि सामान्य सभा में इन सभी मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाया जाएगा और जनहित के सवालों पर निगम प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा।

इधर, बैठक से पहले भाजपा में घमासान

सामान्य सभा से पहले हुई भाजपा पार्षद दल की बैठक में शनिवार को बवाल हो चुका है। इसमें महापौर और पार्षद के बीच तीखी बहस हो गई थी। सफाई ठेके को लेकर महापौर पूजा विधानी और पार्षद रंगा नादम आमने-सामने आ गए थे। दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप को लेकर जमकर चर्चा हो रही है। इस मुद्दे पर भी सामान्य सभा में कांग्रेस हंगामा मचा सकती है। इस विवाद में महापौर विधानी अपने ही पार्षद रंगानादम पर कांग्रेस से सांठगांठ के आरोप लगाए। तो भड़के पार्षद रंगा नादम ने महापौर के आरोपों पर पलटवार कर कहा कि महापौर खुद कांग्रेस से भाजपा में आई हैं।

सफाई ठेके को लेकर हुआ विवाद

दरअसल, सफाई ठेके की दर बढ़ाने और शहर की सफाई में कोताही को लेकर विवाद शुरू हुआ। पार्षद रंगानादम का कहना था कि सफाई ठेका के कर्मचारी भी पार्षदों की नहीं सुनते। जबकि, महापौर का कहना था कि पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में बिलासपुर दूसरे स्थान पर था। शहर को पहले स्थान पर लाने के उद्देश्य से लायंस सर्विसेज के सफाई ठेके की दर में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर उसे एक साल के लिए आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने पार्षदों से कहा कि यह निर्णय विधायक अमर अग्रवाल की सहमति से लिया गया है। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।

कांग्रेस नेता बोले- भाजपा पार्षदों में भी असंतोष

भाजपा पार्षद दल की बैठक में असंतोष सामने आने के बाद कांग्रेस नेता भी इस पर चुटकी लेने लगे हैं। शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा का कहना है कि नगर निगम में कोई काम नहीं हो रहा है। सत्ताधारी दल भाजपा के पार्षद भी परेशान हैं, जो जनता को जवाब नहीं दे पा रहे हैं। आवाज उठाने वाले पार्षदों का मुंह बंद करा दिया जाता है। केंद्र, राज्य और नगर निगम में भाजपा की सरकार होने के बाद भी सत्ताधारी पार्षदों की इस स्थिति देखकर ही समझा जा सकता है कि अधिकारी किस तरह काम कर रहे हैं।

पिछली बार 1089 करोड़ का था बजट

नगर निगम की महापौर पूजा विधानी के कार्यकाल की पहली सामान्य सभा में 1089 करोड़ का बजट पेश किया गया था, जो पिछली सामान्य सभा के बजट से 38 करोड़ रुपए ज्यादा रहा। लेकिन इसमें से करीब 75% राशि शासन से नहीं मिल सकी। सालभर में निगम की आय करीब 100 करोड़ रही, जिसमें से 90 करोड़ खर्च हो गए और अंत में निगम के पास सिर्फ 10 करोड़ रुपए ही शेष है।

मेयर बोलीं- शहर विकास पर तैयार किया गया है एजेंडा

नगर निगम की मेयर पूजा विधानी ने कहा कि इस बार का बजट अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। बजट में छोटे-छोटे विकास कार्यों पर फोकस किया गया है। चौक-चौराहों और डिवाइडरों के सौंदर्यीकरण के साथ सड़कों के किनारे हरियाली बढ़ाने पर जोर रहेगा। साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए फ्री वाई-फाई और महिलाओं की सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं भी शामिल की गई हैं। शहर विकास को ध्यान में रखकर एजेंडा बनाया गया है। वार्ड स्तर पर सड़कों का विस्तार, पेयजल की समस्या को हमेशा के लिए दूर करने के लिए ठोस निर्णय लिया जाएगा, जिसका लाभ शहरवासियों को मिलेगा।

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