रुपया छोड़िए इसके सामने तो डॉलर भी पानी भरता है… ओमान की करेंसी क्यों है इतनी मजबूत?

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज खाड़ी देश ओमान में हैं। मोदी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में ओमान पहुंचे हैं। करीब 309,500 वर्ग किमी में फैले ओमान की आबादी करीब 55 लाख है। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, लगभग 781,000 भारतीय इस देश में रहते हैं। यहां की करेंसी रियाल दुनिया की सबसे मजबूत करेंसीज में से एक मानी जाती है। ओमान के एक रियाल की कीमत 235 भारतीय रुपये के बराबर है।

रुपये की कीमत में इस साल डॉलर के मुकाबले करीब 6 फीसदी गिरावट आई है। यह तुर्की की लीरा और अर्जेंटीना की पेसो के बाद सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी है। दूसरी ओर ओमानी रियाल मजबूत बना हुआ है। इसके पीछे कई कारण हैं। ओमान में तेल और प्राकृतिक गैस का विपुल भंडार है जो इसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है। इस देश की आर्थिक स्थिति स्थिर है और इसके पास विदेशी मुद्रा का भी बड़ा भंडार है।

भारत का इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट

भारत इस खाड़ी देश से कच्चा तेल, एलएनजी, यूरिया और पेट्रोलियम कोक मंगाता है। साथ ही भारत वहा से दूसरे केमिकल और जिप्सम और एल्यूमीनियम मंगाता है जो देश के पावर, फर्टिलाइजर और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए काफी अहम है। भारत ओमान को मिनरल फ्यूल, केमिकल, कीमती धातु ,आयरन एंड स्टील, अनाज, जहाज, नौका, इलेक्ट्रिक मशीनरी, बॉयलर, चाय, कॉफी, मसाले कपड़े और फूड आइटम एक्सपोर्ट करता है।ओमान की आबादी काफी कम है। यही वजह है कि उसकी प्रति व्यक्ति आय बहुत ज्यादा है। कम आबादी और मजबूत कमाई से ओमान को अपनी मुद्रा को स्थिर और शक्तिशाली बनाए रखने में मदद करता है। ओमानी रियाल की कीमत अमेरिकी डॉलर से भी ज्यादा है। अभी एक ओमानी रियाल की कीमत 2.60 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। दुनिया में बहुत कम ऐसी करेंसीज हैं जो अमेरिकी डॉलर से ज्यादा मजबूत हैं। इनमें ओमानी रियाल के अलावा कुवैती दीनार, बहरीनी दीनार, जॉर्डन दीनार, ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग, जिब्राल्टर पाउंड, कैमेन आइलैंड डॉलर, स्विस फ्रैंक और यूरो शामिल हैं।

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