मुंबई: नि:संतान दंपत्तियों के घर किलकारी गुंजाने वाली दिल्ली की कंपनी गॉडियम आईवीएफ एंड वुमेन हेल्थ ( Gaudium IVF ) के आईपीओ में बिडिंग का आज आखिरी दिन है। इसके 165 करोड़ रुपये के आईपीओ (IPO) में अभी तक 300 फीसदी से भी ज्यादा का अभिदान आ गया है। निवेशकों को जानना चाहिए कि इसका आईपीओ घट ही है। हम बता रहे हैं इस आईपीओ के प्राइस बैंड, ग्रे मार्केट प्रीमियम और इसके बारे में एनालिस्ट क्या कह रहे हैं।
क्या है इसका प्राइस बैंड
इस आईपीओ में पांच रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर का प्राइस बैंड 75 रुपये से 79 रुपये के बीच तय किया गया है। इसके एक लॉट में 189 शेयर होंगे। अगर ऊपरी कीमत 79 रुपये मानी जाए, तो कंपनी का प्री-आईपीओ मार्केट कैप (pre-IPO market cap) 575 करोड़ रुपये होगा। यह आईपीओ 24 फरवरी को बंद हो जाएगा। सबकुछ पूर्व निर्धारित तरीके से हुआ तो आगामी 27 फरवरी को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर लिस्ट हो जाएगा।
क्या है जीएमपी
इस आईपीओ के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में गिरावट दिखी है। बीते शुक्रवार को सुबह साढ़े बस बजे यह 0.76% दिखाया जा रहा था। मतलब कि यदि 79 रुपये का इश्यू प्राइस माना जाए तो हर शेयर पर 8.5 रुपये का प्रीमियम मिलेगा। लेकिन मंगलवार, 24 फरवरी को यह घट कर 6.33% रह गया है। मतलब कि हर शेयर पर पांच रुपये का प्रीमियम। हालांकि, इस पर विश्लेषकों की राय भी निगेटिव नहीं है। उल्लेखनीय है कि इस आईपीओ में 90 करोड़ रुपये का नया इश्यू (fresh issue) और 75 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (offer for sale) शामिल है
कहां होगा पैसे का इस्तेमाल
आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल कंपनी मुख्य रूप से नए आईवीएफ सेंटर (IVF centres) खोलने के लिए करेगी। कुछ पैसा पुराने कर्जों को चुकाने या प्री-पेमेंट (pre-payment) करने में भी लगाया जाएगा। बाकी राशि कंपनी के सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए होगा।
किस सेक्टर में काम करती है कंपनी
गॉडियम आईवीएफ असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (assisted reproductive technology) यानी प्रजनन संबंधी उपचार के क्षेत्र में काम करती है। यह आईवीएफ (IVF), आईसीएसआई (ICSI) और आईयूआई (IUI) जैसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट (fertility treatments) की सुविधा देती है। कंपनी हब-एंड-स्पोक मॉडल (hub-and-spoke model) पर काम करती है, जिसका मतलब है कि कुछ बड़े सेंटर (हब) होंगे और उनसे जुड़े छोटे सेंटर (स्पोक)। कंपनी अब तक 30 से ज्यादा जगहों पर फैल चुकी है, जिसमें सात हब और 28 स्पोक शामिल हैं। ये सेंटर कई राज्यों में फैले हुए हैं। कंपनी खुद को पूरे भारत में फर्टिलिटी सेवाएं देने वाले एक बड़े प्लेटफॉर्म के तौर पर पेश कर रही है।
क्या है कंपनी की वित्तीय हालत
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, FY25 में कंपनी का रेवेन्यू 70.72 करोड़ रुपये रहा। यह FY24 के 47.89 करोड़ रुपये और वित्त FY23 के 44.23 करोड़ रुपये से काफी ज्यादा है। वहीं, वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का नेट प्रॉफिट (net profit) 19.13 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024 के 10.32 करोड़ रुपये से काफी बढ़ा है। यह कंपनी के लिए एक मजबूत वापसी का संकेत है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 40% का EBITDA मार्जिन (EBITDA margins) हासिल किया है। साथ ही, रिटर्न ऑन इक्विटी (return on equity) 21.25% रहा है। आईपीओ से पहले प्रति शेयर आय (pre-IPO earnings per share) 3.12 रुपये थी और प्री-इश्यू पी/ई (pre-issue P/E) 25.36 गुना था।
आपको सब्सक्राइब करना चाहिए?
स्वास्तिका सिक्योरिटीज (Swastika Securities) ने इस इश्यू को "सब्सक्राइब" करने की सलाह दी है। इस ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि गॉडियम आईवीएफ भारत की पहली ऐसी लिस्टेड कंपनी होगी जो सिर्फ फर्टिलिटी सर्विसेज पर ध्यान केंद्रित करती है। बिखरे हुए आईवीएफ बाजार में यह एक खास जगह रखती है। ब्रोकरेज ने कंपनी के अच्छे मार्जिन की भी तारीफ की है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि ऊपरी कीमत पर वैल्यूएशन (valuation) थोड़ा महंगा लग सकता है। साथ ही, 31 करोड़ रुपये के टैक्स डिस्प्यूट (tax dispute) को एक बड़ा जोखिम बताया है। कुंवरजी वेल्थ सॉल्यूशंस (Kunvarji Wealth Solutions) ने भी अपनी आईपीओ रिपोर्ट में इस इश्यू को "सब्सक्राइब" करने की सिफारिश की है। उन्होंने कंपनी के बढ़ते मल्टी-लोकेशन (multi-location) विस्तार, सुधरते वित्तीय प्रोफाइल और तेजी से बढ़ते आईवीएफ बाजार में मजबूत स्थिति का हवाला दिया है।