नई दिल्ली: सरकार ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर सख्त कार्रवाई की है। एविएशन रेगुलेटर DGCA ने इंडिगो की रोजाना उड़ानों की संख्या में 5% की कटौती की है। इंडिगो हर दिन करीब 2,300 उड़ानें चलाती है। इसका मतलब है कि उसकी 115 उड़ानों को कम कर दिया गया है। डीजीसीए ने एक बयान में कहा कि इंडिगो एयरलाइन अपनी उड़ानों का समय ठीक से नहीं चला पा रही है। इसलिए, उसे अपने सभी उड़ानों के शेड्यूल में 5% की कटौती करने का आदेश दिया गया है। इंडिगो को 10 दिसंबर शाम 5 बजे तक अपना नया शेड्यूल जमा करना होगा।
सूत्रों के मुताबिक यह तय किया जा रहा है कि किन उड़ानों को रद्द किया जाए ताकि कनेक्टिविटी पर ज्यादा असर न पड़े। आने वाले दिनों में अगर इंडिगो अपनी उड़ानों को तय समय पर चलाने में कामयाब नहीं होती है तो उसकी उड़ानों में और 5% की कटौती की जा सकती है। इंडिगो के पास गर्मियों के शेड्यूल में हर हफ्ते 14,158 घरेलू उड़ानें चलाने की मंजूरी थी। 26 अक्टूबर से शुरू हुए सर्दियों के शेड्यूल में उसकी रोजाना की घरेलू उड़ानों की संख्या 6% बढ़ाकर 15,014 कर दी गई थी।
क्यों आई ऐसी नौबत?
1 नवंबर से लागू फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के कारण पायलटों की जरूरत बढ़ गई थी। एक तरफ तो इंडिगो ने इस नए नियम के लिए तैयारी नहीं की, वहीं दूसरी तरफ उसने अपनी दैनिक उड़ानों की संख्या 6% बढ़ा दी। इस कारण से नवंबर में उसकी कुछ उड़ानें रद्द हुईं थी लेकिन दिसंबर के पहले हफ्ते तक यह समस्या विकराल हो गई और हर दिन सैकड़ों उड़ानें रद्द होने लगीं। पिछले आठ दिन में करीब 5,000 फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं।एयर इंडिया और AI एक्सप्रेस की बात करें तो, गर्मियों के मुकाबले सर्दियों के शेड्यूल में उनकी घरेलू उड़ानों में क्रमशः 0.8% और 6% की कमी आई। गर्मियों में उनकी साप्ताहिक घरेलू उड़ानों की संख्या 7,685 थी, जो सर्दियों में घटकर 7,448 रह गई। अकासा एयर की साप्ताहिक घरेलू उड़ानों में भी 5.7% की कमी आई, जो 1,089 से घटकर 1,027 रह गई। वहीं, स्पाइसजेट की उड़ानों में 26% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। उसकी उड़ानें 1,240 से बढ़कर 1,568 हो गईं।