भिलाई। औद्योगिक नगरी भिलाई के जयंती स्टेडियम में चल रही दिव्य हनुमंत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान चालीसा की छठवीं चौपाई “हाथ बज्र व ध्वजा विराजे” की व्याख्या करते हुए कहा कि आज के समय में सनातन धर्म और हिंदुओं की रक्षा के लिए ध्वज, माला और भाला तीनों का साथ आवश्यक है।
पंडित शास्त्री ने कहा कि हनुमान जी की भक्ति और सेवा भाव से ही श्रीराम का कार्य पूर्ण हुआ। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “श्रीराम जी के बिना हनुमान जी और हनुमान जी के बिना श्रीराम जी अधूरे हैं।” हनुमान चालीसा को उन्होंने अधर्म और बुरी शक्तियों के विरुद्ध बज्र बाण बताते हुए कहा कि यदि मनुष्य इसे अपने आचरण में उतार ले, तो उसका कल्याण निश्चित है।
सेवा समर्पण संस्था के संयोजक राकेश पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस दिव्य हनुमंत कथा में दुर्ग, भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव सहित छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार, हनुमंत कथा के तीसरे दिन शनिवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक दिव्य दरबार लगाया जाएगा, जिसमें पर्ची के माध्यम से लोगों की समस्याओं के समाधान बताए जाएंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक पुनः कथा का आयोजन होगा।