नई दिल्ली: बुल्गारिया की एक जानी-मानी भविष्यवक्ता और बाल्कन की नास्त्रेदमस के नाम से मशहूर बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां फिर से चर्चा में आ गई हैं। उन्होंने दुनिया भर के शक्तिशाली देशों और मशहूर हस्तियों के बारे में कई चौंकाने वाली भविष्यवाणियां की थीं। उनकी कई भविष्यवाणियां सच साबित हुईं, जिसके बाद वे काफी चर्चा में आईं। इस समय फिर से उनकी कुछ भविष्यवाणियां सच साबित हुई हैं। ये वो भविष्यवाणियां हैं जो उन्होंने वैश्विक वित्तीय संकट के बारे में की थी।
पहले भी बाबा वेंगा ने अपनी भविष्यवाणियों में साफ तौर पर कहा था कि दुनिया को बड़े पैमाने पर नकदी की कमी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की थी कि सोना, चांदी और तांबा लोगों के लिए महत्वपूर्ण निवेश बन जाएंगे, लेकिन अचानक कुछ ऐसा होगा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। बहुत से लोगों ने अपना पैसा सोना, चांदी और तांबे में लगाया है।
क्या थी बाबा वेंगा की भविष्यवाणी?
बाबा वेंगा ने भविष्यवाणी की थी कि दुनिया साल 2026 में एक बड़े कैश क्रैश (cash crash) का सामना करेगी। वेंगा के अनुसार, बैंक के कागजी नोटों का कोई मूल्य नहीं रह जाएगा। ऐसी स्थिति में केवल सोना, चांदी और तांबा ही लोगों के लिए एकमात्र सुरक्षित सहारा होंगे।
सोने-चांदी में आई तेजी
पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल देखा गया था। एमसीएक्स पर सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1.80 लाख रुपये पर पहुंच गया था। पिछले एक साल में सोने में करीब 70 फीसदी की तेजी आई। वहीं चांदी भी प्रति किलो 4 लाख रुपये को पार कर गई थी। चांदी ने पिछले एक साल में निवेशकों को 160 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया। बाब वेंगा के मुताबिक सोना-चांदी में इस तेजी के कारण ये दोनों धातुएं निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बन गईं।
लेकिन बदल गए हालात
सोना-चांदी में तेजी के बाद एक ही दिन में 30 जनवरी को हालात बिल्कुल बदल गए। दोनों धातुओं में बड़ी गिरावट आई। गिरावट का यह सिलसिला करीब 3 दिन चला। इन 3 दिनों में सोना-चांदी की कीमतें बेहताशा गिर गईं। इससे कई लोगों ने अपना वह वर्चुअल सोना और चांदी बेचना शुरू कर दिया जो उन्होंने पहले खरीदा था। दूसरी ओर, कुछ लोग कीमतें गिरने पर सोना खरीद रहे थे और इस समय का फायदा उठाना चाहते थे। यानी बाबा वेंगा ने जिस वित्तीय संकट की बात कही थी, वह साल 2026 के शुरुआत में ही दिखाई दे गया। वहीं डॉलर में भी गिरावट आई, जिससे दुनिया में कुछ आर्थिक संकट जैसे हालात बन गए।