भारत की पहली म्यूजिकल रोड का उद्घाटन बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे। मुंबई कोस्टल रोड पर नरीमन पॉइंट से वर्ली की ओर जाने वाले वाहन चालकों को सड़क पर विशेष रूप से लगाई गई म्यूजिकल स्ट्रिप्स के कारण एक अनोखा ड्राइविंग अनुभव मिलेगा। ऐसी सड़कों अभी जापान और दुबई जैसे देशों में हैं। भारत में मुंबई पहला ऐसा राज्य है जहां म्युजिकल रोड बनाया गया है।
म्युजिकल रोड वाला दुनिया का पांचवां देश भारत
मुंबई कोस्टल रोड, जो ट्रैफिक-मुक्त, तेज और आरामदायक यात्रा का पर्याय बन चुकी है, अब यहां एक विशेष तकनीकी संगीत लेन बनाई गई है। जब वाहन इस संगीत लेन से गुजरेंगे, तो उन्हें फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ का गाना सुनाई देगा। यह दुनिया का पांचवां और भारत का पहला ऐसा प्रयोग है। यह इंजीनियरिंग नवाचार 2007 में जापान में शुरू हुआ, जब इंजीनियर शिज़ुओ शिनोडा ने बुलडोजर से सड़क पर काम करते समय इस ध्वनि प्रभाव की खोज की।
मुंबई कोस्टल रोड पर कैसे चलेगा म्युजिक
एक वरिष्ठ नगर अधिकारी ने बताया कि सड़क पर सटीक अंतराल पर खांचे या पट्टियां बनाई जाती हैं, और जब वाहन विशिष्ट गति से उन पर से गुजरते हैं, तो टायरों के घर्षण से एक विशेष धुन जैसी ध्वनि तरंगें उत्पन्न होती हैं। बाद में यह अवधारणा विकसित होकर मेलोडी रोड के रूप में जानी जाने लगी, और इसी तरह के प्रयोग अंततः हंगरी, जापान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात में भी किए गए
बीएमसी ने साढ़े छह करोड़ रुपये किए खर्च
यह देश में इस तरह का पहला इंस्टॉलेशन होगा, जिसमें ऑस्कर विजेता फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ की धुन का इस्तेमाल किया गया है। वरिष्ठ नगर अधिकारी ने कहा कि जय हो धुन को राष्ट्र के प्रति समर्पण के रूप में चुना गया है और साथ ही यह लोगों में देशभक्ति की भावना भी जगाती है। इस रोड को बीएमसी ने 6.21 करोड़ रुपये (जीएसटी सहित) की लागत से बनाया है।
बंद कार के अंदर तक सुनाई देगा म्युजिक
नगर निगम ने सुरंग के अंदर वाहन चलाते समय ही चालकों को ‘संगीत सड़क’ के बारे में सूचित करने के लिए, इस खंड से 500, 100 और 60 मीटर आगे साइनबोर्ड लगाए हैं। नगर निगम के अधिकारी ने कहा कि यह पहल आधुनिक इंजीनियरिंग और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का मिश्रण प्रस्तुत करती है। इस तरह की रोड को मेलोडी रोड भी कहा जाता है।