तेहरान: ईरान में विरोध प्रदर्शनों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी पर तेहरान भड़क गया है। शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि देश के अंदरूनी मामलों में किसी भी दखल को सख्ती से खारिज किया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईरानी विदेश मंत्री ने देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को शांतिपूर्ण बताया और कहा कि वे हाल ही में करेंसी में उतार-चढ़ाव के कारण हुए। ईरान के अंदर से आ रही रिपोर्टों के अनुसार, लगभग एक सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों और झड़पों के दौरान देश भर में कम से कम सात लोग मारे गए हैं।
ट्रंप की चेतावनी को अराघची ने कहा खतरनाक
ट्रंप ने एक पोस्ट में ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर इस्लामिक शासन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करता है तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। ईरानी विदेश मंत्री ट्रंप की धमकियों को खतरनाक बताया है। अराघची ने अमेरिका में नेशनल गार्ड की तैनाती का उदाहरण दिया और कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति और सभी लोगों को यह पता होना चाहिए कि सरकारी संपत्ति पर आपराधिक हमलों को बर्दाश्तन हीं किया जा सकता है।
अमेरिका को सैन्य पलटवार की धमकी
अराघची ने हिंसा की कुछ अलग-अलग घटनाओं की बात स्वीकार की, लेकिन विदेशी दखल के खिलाफ खुली चेतावनी दी। उन्होंने लिखा कि ट्रंप का संदेश लापरवाह और खतरनाक है। जैसा पहले भी हुआ है, ईरानी लोग अपने अंदरूनी मामलों में किसी भी दखल को खारिज करेंगे। अराघची ने ट्रंप की धमकी पर पलटवार करते हुए कहा, ‘हमारी सेनाएं तैयार हैं और संप्रभुता के किसी भी उल्लंघन की स्थिति में उन्हें ठीक से पता है कि कहां निशाना लगाना है।’ईरान के दूसरे अधिकारियों ने भी अमेरिकी दखल के खिलाफ चेतावनी दी है। ट्रंप की धमकी के तुरंत बाद सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सलाहकार अली शामखानी ने कहा कि ईरान की सुरक्षा एक रेड लाइन है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी दखल का जवाब दिया जाएगा। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका और इजरायल पर अशांति भड़काने का आरोप लगाया है और चेतावनी दी कि विदेशी दखल से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैलेगी।