लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को तेजी से जमीन पर उतारने के लिए अब ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) 5.0 की तैयारी में जुट गई है। इस आयोजन में 7.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास किए जाने की योजना है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद जताई जा रही है।
निवेश प्रस्तावों का बड़ा आंकड़ा
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेशक-समर्थित सुधारों के चलते प्रदेश को अब तक 30 हजार से अधिक एमओयू के जरिए 50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन निवेशों से लगभग 1.10 करोड़ रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
चार जीबीसी में 15 लाख करोड़ की परियोजनाएं धरातल पर
प्रदेश में अब तक आयोजित चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतारी जा चुकी हैं। इन परियोजनाओं से करीब 60 लाख रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
जीबीसी 5.0 से नई रफ्तार की उम्मीद
अब सरकार 7.5 लाख करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं के साथ जीबीसी 5.0 को आयोजित करने की तैयारी कर रही है। हजारों नई परियोजनाओं के शुरू होने से लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भी निवेश आकर्षित
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश ने 2.94 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए हैं। इन निवेश प्रस्तावों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और रक्षा निर्माण जैसे प्रमुख सेक्टर शामिल हैं।
डिफेंस और फार्मा सेक्टर में भी बढ़ा निवेश
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत अब तक 197 एमओयू साइन किए जा चुके हैं, जिनसे 34,844 करोड़ रुपये के निवेश और 52,658 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
इसके अलावा फार्मा सेक्टर में भी 10,000 करोड़ रुपये के निवेश समझौते प्रमुख कंपनियों के साथ किए गए हैं, जो राज्य को हेल्थकेयर इंडस्ट्री में भी मजबूत बनाएंगे।