मोहला।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर के मार्गदर्शन में जिले में स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत चलाए जा रहे राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम ने ग्रामीण युवाओं की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाया है।
जिले में बड़े पैमाने पर स्वीकृत आवास निर्माण कार्यों के कारण कुशल राजमिस्त्रियों की कमी सामने आ रही थी। इसी आवश्यकता को देखते हुए जिला खनिज न्यास मद से स्थानीय युवाओं को निःशुल्क राजमिस्त्री प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया। इसके तहत जनपद पंचायत मानपुर के ग्राम कोहका एवं औंधी में 25-25 प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों के अकुशल युवाओं को कुशल राजमिस्त्री के रूप में तैयार कर रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त युवक अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिससे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ गति भी आई है।
सीईओ जिला पंचायत ने कहा कि यह पहल स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ जिले में आवास निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।इस योजना के अंतर्गत जिले के इच्छुक युवक, युवतियां एवं महिलाएं अपने संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय में पंजीयन कराकर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल एक योजना है, बल्कि स्थानीय ग्रामीण युवाओं को एक बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने का जरिया भी बना है।
– दोगुनी आय, बढ़ा आत्मविश्वास
ग्राम कोहका निवासी प्रशिक्षु शैलेंद्र सलामे, पवन और मोहन ने बताया कि प्रशिक्षण से पहले उन्हें 200 से 250 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती थी, लेकिन अब कुशल राजमिस्त्री के रूप में कार्य करने पर 500 से 600 रुपये प्रतिदिन तक आय होने लगी है। उन्होंने इस निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
– महिलाओं को भी मिल रहा अवसर
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक 4 से 5 ग्राम पंचायतों से 25-25 युवाओं एवं महिलाओं का एक बैच तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण में आवास निर्माण से जुड़ी तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है, जिससे प्रतिभागी आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकें। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि जिले में आवास निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी।