मेरठ: हंगामे के साथ सेंट्रल मार्केट में सीलिंग की कार्रवाई शुरू, पुलिस से भिड़े व्यापारी, कल बंद का ऐलान

 मेरठ: उत्तर प्रदेश में मेरठ शहर के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवास विकास परिषद ने 44 अवैध व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शुरू हुई इस कार्रवाई का व्यापारियों ने जोरदार विरोध किया, जिसके चलते मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

भारी पुलिस बल की तैनाती

सेंट्रल मार्केट सीलिंग कार्रवाई को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया। सेंट्रल मार्केट और आसपास के इलाकों में कई थानों की पुलिस, पीएसी और दमकल विभाग की गाड़ियों को तैनात किया गया। पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी गई ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके

व्यापारियों का विरोध, पुलिस से नोकझोंक

सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में व्यापारी सड़क पर उतर आए और आवास विकास परिषद की टीम का घेराव किया। इस दौरान व्यापारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने पहले ही करीब 70 करोड़ रुपये जमा कराए हैं, ऐसे में बिना समाधान के सीलिंग की कार्रवाई करना गलत है। उन्होंने मांग की कि पहले उनकी जमा राशि वापस की जाए, उसके बाद ही कोई कार्रवाई हो।

सपा नेता को एडीएम सिटी ने फटकारा

इसी दौरान समाजवादी पार्टी के नेता जीतू नागपाल भी मौके पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनके बयानों पर एडीएम सिटी बृजेश सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा कि राजनीतिक बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी राजनीति करनी है अपने घर जाकर करो यहां राजनीति करी तो जेल भेज दूंगा। इस पर नागपाल ने जवाब दिया कि वह भी व्यापारी हैं और व्यापारियों के हित में ही आवाज उठा रहे हैं।

30 अप्रैल तक का समय की मांग

मेरठ मंडल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता ने प्रशासन से 30 अप्रैल तक का समय मांगा है। उनका कहना है कि उन्होंने आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए हैं और वे नियमों का पालन करने को तैयार हैं, लेकिन कारोबार समेटने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए।

वहीं एडीएम सिटी ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों द्वारा दिया गया पैसा भू-उपयोग परिवर्तन के लिए था। यदि कोई पैसा वापस चाहता है तो वह लिखित में आवेदन दे सकता है, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही है, इसलिए इसे रोका नहीं जा सकता।

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