प्रदेश के 286 बांधों में औसतन 97% जलभराव है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि किसानों को रबी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी दिया जाएगा। नहरों की आवश्यक मरम्मत का कार्य 15 नवंबर से पहले पूरा करने को कहा है ताकि अंतिम छोर के किसानों तक भी पानी पहुंच सके।
सोमवार को मंत्रालय में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा, ईएनसी विनोद देवड़ा और चीफ इंजीनियर बोधि आरडी अहिरवार मौजूद रहे। सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मप्र को तीन बड़ी परियोजनाएं केन-बेतवा, पार्वती-काली सिंध-चंबल और मेगा ताप्ती परियोजनाएं दी गई हैं।
बांधों की सुरक्षा के लिए आईआईटी से होगा एमओयू बांधों की सुरक्षा के लिए मप्र सरकार शीघ्र ही आईआईटी रुड़की और दिल्ली के साथ एमओयू करेगी। प्रदेश में 29 करोड़ 41 लाख रुपए की लागत से बांधों की सुदृढ़ीकरण कार्यों के लिए टेंडर किए जा चुके हैं। सिंहस्थ-2028 के कार्यों को युद्ध स्तर पर किया जाएगा।