पश्चिम एशिया संकट से कोई देश नहीं बचेगा, दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा, किसने दी चेतावनी?

नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है। आज सोमवार को इस युद्ध का 24वां दिन है। इस युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है। पिछले काफी दिनों से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें प्रति बैरल 100 डॉलर से ऊपर बनी हुई है। इस बीच इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) प्रमुख ने एक ऐसी चेतावनी दी है जिससे दुनिया में चिंता पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण कोई देश नहीं बचेगा। इस युद्ध के कारण पैदा हुई आर्थिक तबाही से हर देश चपेट में आएगा।

आईईए चीफ फातिह बिरोल (Fatih Birol) ने सोमवार को चेतावनी दी कि ईरान युद्ध के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था पर गहरा संकट मंडरा रहा है। इस युद्ध के कारण दुनिया में ऊर्जा का ऐसा संकट पैदा होगा जिससे कोई भी देश नहीं बचेगा। उन्होंने यह बाद ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एक नेशनल प्रेस क्लब में कही। उन्होंने ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट को साल 1970 और साल 2022 में आए रूस-यूक्रेन युद्ध से जोड़ा।

इस बार कितना बड़ा संकट?

  • बिरोल ने बताया कि इस बार का संकट काफी बड़ा है। उन्होंने कहा कि ईरान-इजरायल/अमेरिका युद्ध के कारण इस बार का संकट दो तेल संकटों और एक गैस संकट के बराबर है।
  • उन्होंने कहा कि आज दुनिया की अर्थव्यवस्था एक बुरे दौर से गुजर रही है। साथ ही इस युद्ध के कारण उस पर बड़ा संकट भी मंडरा रहा है।
  • उन्होंने बताया कि 1970 के दशक के दोनों तेल संकटों के दौरान दुनिया ने कुल 10 मिलियन बैरल प्रति दिन का नुकसान झेला था। इसके विपरीत, आज आपूर्ति में 11 मिलियन बैरल प्रति दिन की कमी आई है, जो पिछले दो बड़े झटकों से भी अधिक है।

तेल की 40 जगहों को नुकसान

बिरोल ने इस दौरान दुनिया को चेतावनी भी दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर संकट इसी दिशा में बढ़ता रहा, तो कोई भी देश इसके परिणामों से नहीं बच पाएगा। इसके समाधान के लिए तत्काल वैश्विक प्रयासों की जरूरत है। बिरोल ने खुलासा किया कि पश्चिम एशिया यानी मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण कम से कम नौ देशों में 40 ऊर्जा संपत्तियां गंभीर या बेहद गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की मांग

युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और तेहरान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) को फिर से खोलने की मांग की है, जिसे ब्लॉक कर दिया गया है। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस शिपमेंट इसी संकरे रास्ते से गुजरता है। इस रुकावट के कारण पेट्रोलियम की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।

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