नई दिल्ली: देश के दवा बाजार में आने वाले दिनों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। वजन घटाने वाली दवाओं की बढ़ती मांग से फार्मा मार्केट में ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन (GSK) की एंटीबायोटिक दवा Augmentin की बादशाहत खतरे में है। अमेरिकी कंपनी एली लिली की नई दवा ‘Mounjaro’ अब उसे पछाड़ने के बहुत करीब पहुंच गई है। टीओआई के एक रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर Mounjaro की बिक्री 80 करोड़ रुपये रही जबकि Augmentin की सेल 85 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
आमतौर पर देश के दवा बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाली दवाएं Augmentin या एंटी-डायबिटिक (मधुमेह) की दवा ‘Mixtard’ होती है। Mixtard की मासिक बिक्री लगभग 75-80 करोड़ रुपये रहती है। लेकिन मार्च 2023 में लॉन्च हुई Mounjaro ने तेजी से बाजार में जगह बनाई है। सितंबर तक इसकी कुल 233 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है। जानकारों का कहना है कि अगस्त में इसे ‘क्विकपेन’ नाम के एक प्री-फिल्ड डिवाइस में लॉन्च किया गया, जिसने इसकी बिक्री को और बढ़ाया है।
कितनी है कीमत?
इस दवा की बिक्री की मात्रा भले ही कम हो लेकिन इसकी कीमत बहुत ज्यादा है। Mounjaro का एक मरीज के लिए औसत मासिक खर्च 14,000 रुपये से शुरू होकर 27,000 रुपये तक जा सकता है। यह डॉक्टर के पर्चे पर निर्भर करता है। इसके मुकाबले Augmentin 625 डुओ की 10 गोलियों की एक स्ट्रिप की कीमत 200 रुपये से भी कम है
एक साल की बिक्री
हालांकि मूविंग एनुअल टोटल यानी पिछले 12 महीनों के कुल बिक्री के आंकड़ों पर नजर डालें तो Augmentin और Glycomet GP अभी भी अपनी लीडरशिप पोजीशन बनाए हुए हैं। सितंबर में जीएसटी (GST) की दर 18% से घटाकर 5% कर दी गई थी। जानकारों का कहना है कि इस दौरान डिस्ट्रीब्यूशन चैनल में थोड़ी उथल-पुथल देखी गई, लेकिन रिटेल स्तर पर कोई बड़ी समस्या नहीं हुई।