जयपुर: राजधानी जयपुर की दीवारों पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर लापता है। ऐसे पोस्टर दिखाई दे रहे हैं, जो काफी चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसको लेकर एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें कुछ युवक मदन दिलावर का यह पोस्टर दीवारों पर चिपकाते हुए नजर आ रहे है।ं यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर सुर्खियों में बना हुआ है। दरअसल, पोस्टर चिपकाने वाले युवक बीते दिनों एक प्राइवेट स्कूल में सुसाइड करने वाली अमायरा के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। इसी को लेकर उन्होंने यह पोस्टर लगाएं है।
जयपुर की दीवारोें पर मदन दिलावर के लापता के पोस्टर लगे
इसको लेकर वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ युवक बीते दिनों हुए अमायरा सुसाइड कांड मामले को लेकर अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं। उन्होंने अमायरा के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के लापता होने के पोस्टर लगाए हैं। यह वीडियो अब काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दौरान लगाया पोस्टर जयपुर की दीवारों, ओवर ब्रिज आदि पर देखा जा रहा है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं
अमायरा को न्याय दिलाने की मांग का है यह पोस्टर
9 साल की बच्ची अमायरा का सुसाइड कांड बीते दिनों प्रदेश में काफी सुर्खियों में रहा। इस दौरान स्कूल में सुसाइड कांड के चलते लोगों ने बड़े सवाल खड़े कर दिए। इधर, जयपुर में लगाए गए पोस्टर में लिखा है कि लापता शिक्षा मंत्री, राजस्थान के सभी मां-बाप मंत्री जी की तलाश कर रहे हैं। पोस्टर पर आगे लिखा है कि एक प्राइवेट स्कूल में छोटी सी बच्ची ने अपनी जान दे दी थी और मदन दिलावर जी कुछ करने की बजाय भाग खड़े हुए हैं। सुनने में आया है कि स्कूल में उनके विभाग को अंदर ही नहीं घुसने दिया। जस्टिस फॉर अमायरा।
पिछले महीने हुआ था अमायरा सुसाइड कांड
बता दें कि नवंबर में राजधानी जयपुर की नीरजा मोदी स्कूल में 9 साल की अमायरा ने सुसाइड कर लिया था। उसने चैथी मंजिल से कूद कर अपनी जान दे दी। इसके पीछे आरोप है कि बच्ची को उसके सहपाठी काफी समय से परेशान कर रहे थे। इसको लेकर परिजनों का भी आरोप है कि स्कूल प्रबंधन को कई बार शिकायत की गई, लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस दौरान बच्चों के तानों से परेशान होकर अमायरा ने यह खौफनाक कदम उठाया। इस घटना का सीसीटीवी सोशल पर जमकर वायरल हुआ था। वहीं, परिजनों का आरोप है कि शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है।