सुकमा। सुकमा जिले में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में 4 फरवरी से व्यापक स्तर पर जन सुविधा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान प्रशासन की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। अब तक कोंटा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखंडों के दूरस्थऔर वनांचल क्षेत्रों में 23 शिविरों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनमें कुल 40 गांवों को कवर किया गया है। यह जन-अभियान 28 फरवरी तक सतत रूप से जारी रहेगा।
प्रशासन की सक्रिय मॉनिटरिंग :
इन शिविरों की विशेषता यह है कि जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर शिविरों का निरीक्षण कर रहे हैं। योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी समीक्षा की जा रही है तथा पात्र हितग्राहियों को तत्काल लाभ प्रदान किया जा रहा है। इससे पारदर्शिता और प्रभावशीलता दोनों सुनिश्चित हो रही हैं।
एक ही स्थान पर अनेक सुविधाएँ :
जन सुविधा शिविरों में ग्रामीणों को निम्नलिखित सेवाएँ एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आधार अपडेट एवं नवीन आधार पंजीयन, नवीन आयुष्मान कार्ड निर्माण, आभा आईडी जनरेशन, वय वंदन योजना कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र जारी एवं संशोधन, किसान पंजीयन एवं अपडेशन, ई-केवाईसी तथा अन्य विभिन्न हितग्राहीमूलक सेवाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस एकीकृत व्यवस्था के कारण ग्रामीणों को अब शासकीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। दूरस्थ अंचलों में प्रशासन स्वयं पहुंचकर सेवाएँ उपलब्ध करा रहा है।
हजारों परिवारों को मिला सीधा लाभ :
अब तक कुल 9,473 ग्रामीण हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा चुका है। यह आंकड़ा न केवल प्रशासनिक सक्रियता का प्रमाण है, बल्कि शासन की जनकेन्द्रित सोच को भी दर्शाता है। 28 फरवरी तक जारी रहने वाला यह अभियान जिले में सेवा, समर्पण और सुशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।