इस्लामाबाद: भारत के फ्रांस से 114 लड़ाकू विमान खरीदने के फैसले ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। फ्रांस-भारत के रक्षा संबंधों और फ्रांसीसी प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों के दिल्ली दौरे पर पाकिस्तानी टिप्पणीकार कमर चीमा ने प्रतिक्रिया दी है। कमर चीमा का कहना है कि फ्रांस और भारत के बेहतर होते रिश्ते को मैक्रों और पीएम मोदी के बयानों से समझा जा सकता है। भारत जिस तरह से फ्रांस की मदद से अपनी वायुसेना की ताकत बढ़ा रहा है, उसे पाकिस्तान नजरअंदाज नहीं कर सकता है। भारत ने ऐसी डील की है, जिसमें पाकिस्तान का आधा बजट चला जाएगा।
एआई समिट में शामिल होने के लिए इमैनुएल मैक्रों के भारत आने पर कमर चीमा ने कहा ‘फ्रांस और भारत के रिश्ते पहले से बेहतर हैं, जो और अच्छे होते जा रहे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति एआई समिट के लिए भारत आए हैं। उनको नरेंद्र मोदी ने अपना दोस्त कहा है। मैक्रों की ओर से अच्छी-अच्छी बातें हो रही हैं। यह दिखाता है कि किस तरह की बॉन्डिंग दोनों के बीच है।’
भारत के आधे बजट के बराबर की डील
ISI के करीबी कमर चीमा ने अपने वीडियो में कहा, ‘भारत अपने राफेल जेट के बेड़े को बढ़ाने जा रहा है। भारत ने फ्रांस से 28 अरब डॉलर में 114 राफेल जेट खरीदने की डील की है। इस डील पर काफी पहले से बात हो रही थी लेकिन बीते साल के मई के 4 दिन के भारत-पाकिस्तान के सैन्य संघर्ष के बाद दिल्ली की ओर से इस डील मे तेजी लाई गई।’चीमा ने आगे कहा, ‘इस डील की कीमत भारतीय रुपए में 3.25 ट्रिलियन है। पाकिस्तानी करेंसी में देखें तो यह 6-7 ट्रिलियन रुपए होते हैं, जो हमारे बजट का करीब आधा है। इससे पता चलता है कि ये कितनी बड़ी बड़ी डील है और इसकी अहमियत क्या है। भारत दूसरे हथियार भी खरीद रहा है लेकिन पाकिस्तान के आधे बजट के सिर्फ जेट लिए हैं।’
भारतीय एयरफोर्स की ताकत बढ़ेगी
कमर चीमा का कहना है कि भारतीय एयरफोर्स ने हालिया समय में लगातार ये कहा था कि उनको बड़ी तादाद में जेट की जरूरत है। ऐसे में नए राफेल जेट मिलने से उनकी ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। पाकिस्तान इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता और सैन्य अफसर इस पर अपनी तरह से चर्चा जरूर कर रहे होंगे।
चीमा ने कहा कि भारतीय एयरफोर्स में 114 राफेल विमानों को शामिल करने के प्लान के बाद पाकिस्तान के सामने अपनी वायु श्रेष्ठता बनाए रखने की चुनौती है। पाकिस्तान की सेना में 60 से 70 अतिरिक्त J-10CE लड़ाकू विमानों का ऑर्डर देने पर भी चर्चा हो रही है। साफ है कि राफेल डील से इस्लामाबाद में हलचल है।