रियाद: सऊदी अरब ने कहा है कि ईरान की ओर से हो रहे हमलों का जवाब देने का उनकी सेना को हक है और वह इस तरफ बढ़ सकते हैं। सऊदी सरकार में विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा है कि हम ईरान से हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के जवाब में फौजी कार्रवाई से इनकार नहीं कर सकते हैं। बिन फरहान ने पाकिस्तान और दूसरे देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक के बाद यह बात कही है। पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा समझौता है। ऐसे में सऊदी के आधिकारिक तौर पर जंग में कूदने से पाकिस्तान भी लड़ाई में जाने को मजबूर हो जाएगा।
रियाद में क्षेत्र के विदेश मंत्रियों की एक बैठक के बाद प्रिंस फैसल ने कहा कि ईरान हमलों के जरिए अपने पड़ोसियों पर दबाव डालने की कोशिश कर रहा है। सऊदी अरब इस दबाव के आगे नहीं झुकेगा बल्कि यह ईरान को उल्टा पड़ेगा। हमने बहुत साफ तौर पर कहा है कि हम जरूरत पड़ने पर फौजी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।
सऊदी अरब ने दिखाया कड़ा रुख
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों के साथ ईरान युद्ध के चलते बिगड़े हालात पर चर्चा की है। सऊदी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैठक के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता हासिल करने के लिए बातचीत और साझा प्रयासों में समन्वय बनाए रखने पर चर्चा की गई।पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार इस बैठक में मौजूद रहे हैं। डार का इस बैठक में होना अहम है क्योंकि सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच नाटो स्टाइल का डिफेंस समझौता है। इस समझौते के तहत अगर सऊदी अरब पर हमला होता है तो पाकिस्तान और पाकिस्तान पर हमले की सूरत में सऊदी उसकी सैन्य मदद करेगा।
सऊदी के लिए लड़ेगा पाकिस्तान?
पाकिस्तान ने बीते साल सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता किया था। सितंबर में हुए नाटो स्टाइल के इस समझौते में किसी एक देश पर अटैक को दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। यानी अगर सऊदी अरब पर ईरान का हमला होगा और वह जंग में कूदता है तो पाकिस्तान मदद करने के लिए बाध्य होगा। हालांकि पाकिस्तान ने अभी तक इस मुद्दे पर बहुत संतुलित बयान दिए हैं।
पाकिस्तानियों के सऊदी के दौरे
पाकिस्तान ने ईरान पर हमले की निंदा की है। पाकिस्तान के आम लोगों में भी ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के खिलाफ गुस्सा है। हालांकि पाकिस्तानी नेताओं और सैन्य अधिकारियों के सऊदी के दौरे हालिया समय में बढ़ गए हैं। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री से पहले आर्मी चीफ असीम मुनीर भी सऊदी के रक्षा मंत्री से मिल चुके हैं।