अदन: सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने शुक्रवार को यमने में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समर्थित सदर्न ट्रांजिशन काउंसिल (STC) को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 20 अलगाववादी लड़ाके मारे गए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दो दिन पहले ही UAE ने यमन से अपनी सेना वापस बुलाने की बात कही थी। इसके पहले सऊदी अरब ने UAE को देश से बाहर निकलने के लिए 24 घंटे की समय सीमा दी थी। समाचार एजेंसी AFP ने एक अलगाववादी नेता के हवाले से बताया कि सऊदी फाइटर जेट ने शुक्रवार को दक्षिणी यमन में STC बलों पर हमला किया।
सऊदी हमलों में 20 लड़ाकों की मौत
STC बलों के एक अधिकारी ने AFP को बताया कि अल-खाशा और सेयुन में मिलिट्री बेस पर सऊदी लड़ाकू विमानों ने बम गिराए। UAE समर्थित समूह के एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि हवाई हमलों में 20 यमनी अलगाववादी लड़ाके मारे गए हैं। STC के एक सूत्र ने बताया कि शुक्रवार को हद्रामौत के सेयुन शहर में एयरपोर्ट और मिलिट्री बसे पर हमले हुए। इन हमलों से एयरपोर्ट का काम भी प्रभावित हुआ है। 24 घंटे से ज्यादा समय से अदन एयरपोर्ट पर कोई विमान न तो उतरा है और न ही उड़ान भरी है।
UAE ने यमन से निकाली अपनी सेना
यूएई ने कहा है कि उसने तनाव कम करने की कोशिश की है और उसकी आखिरी सेना यमन से निकल चुकी है। मंगलवार को यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर सऊदी अरब के हमले के बाद UAE ने सेना वापस बुलाने की घोषणा की थी। इस बमबारी में UAE से आए एक शिपमेंट को निशाना बनाया गया था, जिसमें कथित तौर पर हथियार थे। UAE ने इन दावों को खारिज कर दिया था। उसने बताया कि शिपमेंट में गाड़ियां थीं और किसी भी तरह के हथियार नहीं थे।
STC ने कहा निर्णायक लड़ाई
STC के एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि समूह यमन में सऊदी समर्थित सेनाओं के साथ निर्णायक और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। प्रवक्ता ने इसे कट्टरपंथी इस्लाम के खिलाफ लड़ाई बताया। सऊदी सूत्रों ने पुष्टि की कि हवाई हमले सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने किए थे, जिसमें UAE भी नाममात्र के लिए शामिल है। इस गठबंधन को 2015 में यमन के उत्तर में ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों से लड़ने के लिए बनाया गया था।