भोपाल। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और गैस की निरंतर आपूर्ति से स्थिति में सुधार तो हो रहा है, लेकिन वितरण को लेकर कुछ समस्याएं अभी भी हैं। भोपाल में तो कमर्शियल गैस की आपूर्ति व्यवस्थित हो गई है, लेकिन जिला और तहसील स्तर पर ध्यान दिया जाए। वहां भी प्रावधान के अनुसार सिलेंडर आसानी से मिलें। यह निर्देश मंत्रिमंडलीय समिति ने मंगलवार को मंत्रालय में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में बताया गया कि घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग शहरों में 25 दिन और गांवों में 45 दिन के अंतराल में की जा रही है। वर्तमान में बुकिंग की संख्या सामान्य है, आपूर्ति भी नियमित रूप से की जा रही है।
पीएनजी कनेक्शन और कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता
प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है। जिन घरों तक पाइप लाइन पहुंच गई है, उन घरों में पीएनजी कनेक्शन दिए जा रहे हैं। गत दिवस 225 नए कनेक्शन दिए गए। ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल अधिकारी अजय श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान में 70 प्रतिशत की सीमा में कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शुरुआत में 20 प्रतिशत आपूर्ति हो रही थी। इस पर जिला और तहसील स्तर पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
तीन माह में दो लाख पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य
बैठक में बताया गया कि सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं को अगले तीन माह में दो लाख नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य दिया है। साथ ही प्रतिदिन होने वाले आवेदन और दिए जा रहे कनेक्शनों की निगरानी करने, भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। पाइप लाइन के आसपास के उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए कहा गया है। पीएनजी कनेक्शन न लेने पर आगामी तीन माह में उनके एलपीजी कनेक्शन बंद किए जा सकते हैं। बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।