नई दिल्ली: पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नैशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के सब्सक्राइबर्स के लिए रिटायरमेंट के बाद नियमित और निश्चित पेंशन की व्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ाया है। PFRDA ने एक हाई लेवल की कमिटी को दिशानिर्देश और नियम तय करने का जिम्मा दिया है, जिनके आधार पर एश्योर्ड पेमेंट का फ्रेमवर्क बनाया जा सके।
यह कमिटी लॉक-इन पीरियड, विदड्रॉल लिमिट और फी स्ट्रक्चर से लेकर मार्केट बेस्ड गारंटी तक के तरीकों पर विचार करेगी। इस 15 सदस्यों वाली समिति की कमान इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष डॉ एम एस साहू को सौंपी गई है। फाइनैंस मिनिस्ट्री ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा, ‘यह कदम PFRDA ऐक्ट के प्रावधानों के अनुसार है और इसका उद्देश्य सब्सक्राइबर्स के लिए रिटायरमेंट इनकम की सिक्योरिटी बढ़ाना है।’
एडवाइजरी कमिटी
मिनिस्ट्री ने कहा कि साहू की अध्यक्षता में बनी समिति ‘स्ट्रक्चर्ड पेंशन पेआउट्स’ पर एक अडवाइजरी कमिटी है। कमिटी पेंशन स्कीम्स सहित एश्योर्ड पेआउट के नियमों का सुझाव देगी। यह ऐसे नियमों पर भी विचार करेगी, जिससे कॉन्ट्रिब्यूशन से पेआउट फेज में आसानी से ट्रांजिशन हो। कमिटी मार्केट आधारित गारंटीज और कानूनी रूप से लागू किए जा सकने वाले सेटलमेंट कॉन्सेप्ट्स के बारे में राय देगी।कमिटी को लॉक-इन पीरियड, विदड्रॉल लिमिट, प्राइसिंग मैकेनिजम और फी स्ट्रक्चर के बारे में सुझाव देने को भी कहा गया है। यह भी देखा जाएगा कि एनपीएस में बने रहते हुए सब्सक्राइबर को जो पेमेंट मिले, उस पर किस तरह टैक्स लगना चाहिए। कमिटी मिस-सेलिंग रोकने के लिए मानक नियमों के बारे में भी राय देगी।
नियमों में बदलाव
इस बीच PFRDA के चेयरपर्सन एस. रामन ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में नियमों में इस तरह के बदलाव किए जाएंगे, जिससे पर्याप्त संख्या में NPS खाते सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि पेंशन एक सरकारी कॉन्सेप्ट के तौर पर देखा जाता है, जिसे बदला जाना जरूरी है। इसे वेल्थ क्रिएशन के तौर पर देखना होगा। इसके लिए लोगों को खुद जल्द शुरुआत करनी होगी।
PFRDA चेयरपर्सन ने ‘पेंशनबाजार’ की शुरुआत करते हुए यह बात कही, जिसके दायरे में एनपीएस और रिटायरमेंट से जुड़े दूसरे समाधानों को एक ही मंच पर पेश किया जा रहा है। ‘पेंशनबाजार’ चलाने वाली कंपनी पीबी फिनटेक के चेयरमैन यशीष दहिया का कहना है कि यह प्लैटफॉर्म लॉन्ग टर्म में वेल्थ क्रिएशन को बढ़ावा देगा।