महाराष्ट्र में काम करने गए भोपाल के 7 मजदूरों को फैक्ट्री में बनाया बंधक, दो छूटकर भागे; 5 अभी भी फंसे

भोपाल: रोजगार और बेहतर मेहनताना का सपना दिखाकर भोपाल के मजदूरों को महाराष्ट्र में बंधुआ मजदूरी में झोंकने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एमपी नगर और जहांगीराबाद क्षेत्र में रहने वाले सात लोगों को पिछले महीने जिंसी चौराहा क्षेत्र से अभिषेक नामक युवक कर्नाटक मजदूरी के लिए ट्रेन से लेकर रवाना हुआ था, लेकिन कर्नाटक पहुंचने से पहले महाराष्ट्र के नांदेड़ में ही उन्हें उतार लिया गया और फिर एक दाल फैक्ट्री में बंधक बना लिया।

वहां से दो युवक किसी तरह भागने सफल हुए और भोपाल पहुंचकर अपने दोस्त के स्वजन को पूरा हाल बताया। जिसके बाद युवकों के स्वजन ने सोमवार को भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत की।जहांगीराबाद निवासी धर्मेंद्र की पत्नी वर्षा अहिरवार ने बताया कि धर्मेंद्र मजदूरी करता है। वह 26 दिसंबर को काम के सिलसिले में घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसने किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल से फोन कर बताया कि वह काम के लिए कर्नाटक जा रहा है।

झांसा देकर अपने साथ ले गया युवक

इसी तरह मैदा मिल क्षेत्र का शमीम काम के लिए साथ गया था। वह किसी तरह लौटा तो बताया कि वह, धर्मेंद्र, विशाल, राहुल, ओमप्रकाश, जीतू और शकील 26 दिसंबर की सुबह काम की तलाश में जिंसी पहुंचे थे। वहां उनकी मुलाकात अभिषेक नाम के युवक से हुई, जिसने कर्नाटक की एक फैक्ट्री में 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी, मुफ्त भोजन और रहने की सुविधा देने का लालच दिया। उसकी बातों में आकर सभी मजदूर उसके साथ ट्रेन से रवाना हो गए थे।

फैक्ट्री में बंधक बनाकर जबरन कराया काम

उन्हें महाराष्ट्र के नांदेड़ रोड क्षेत्र में स्थित एक तुअर दाल फैक्ट्री में पहुंचा दिया गया। शमीम का आरोप है कि वहां उन्हें बंधक बनाकर जबरन काम कराया गया, कई दिनों तक मजदूरी नहीं दी गई और विरोध करने पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई। हालांकि जहांगीराबाद पुलिस को इसकी शिकायत नहीं मिली है।

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