नई दिल्ली: जेरोम पॉवेल की अगुवाई वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने बुधवार को ब्याज दरों को 3.50%-3.75% के दायरे में जस का तस रखा। FOMC के बयान में कहा गया, ‘अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कमेटी ने फेडरल फंड्स रेट के टारगेट दायरे को 3.5 से 3.75 फीसदी पर बनाए रखने का फैसला किया है। फेडरल फंड्स रेट के टारगेट दायरे में और बदलावों की सीमा और समय पर विचार करते हुए कमेटी आने वाले डेटा, बदलते आर्थिक परिदृश्य और जोखिमों के संतुलन का सावधानीपूर्वक आकलन करेगी। कमेटी ज्यादा से ज्यादा रोजगार देने और महंगाई को अपने 2 फीसदी के टारगेट पर वापस लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।’
पॉलिसी बयान में कहा गया, ‘उपलब्ध संकेतकों से पता चलता है कि आर्थिक गतिविधियां मजबूत रफ्तार से बढ़ रही हैं। रोजगार में बढ़ोतरी कम रही है। हाल के महीनों में बेरोजगारी दर में बहुत कम बदलाव आया है। महंगाई अभी भी कुछ हद तक बढ़ी हुई है।’
अमेरिका-ईरान संघर्ष का जिक्र
पॉलिसी बयान में अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़ी ‘अनिश्चितता’ की ओर इशारा किया गया। इसमें कहा गया, ‘आर्थिक परिदृश्य को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। मिडिल ईस्ट में हो रहे घटनाक्रमों का अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी अनिश्चित है। कमेटी अपने दोहरे जनादेश के दोनों पहलुओं से जुड़े जोखिमों के प्रति पूरी तरह से सचेत है।’
विशेषज्ञों का क्या था अनुमान?
विशेषज्ञों ने कहा था कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते फेडरल रिजर्व की ओर से इस हफ्ते की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना कम ही है।